डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2022 के मसौदे की चर्चा इनदिनों की जा रही है. इस सबंध में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर कुछ जानकारी दी है. उनके द्वारा कहा गया है कि “she” और “her” हर जेंडर के लिए यूज किया जाता रहा है. इस बिल के संबंध में एक लिंक केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के द्वारा साझा किया गया है. आपको बता दें कि वक्त बदल रहा है और धीरे-धीरे ‘पुरुष प्रधान’ समाज में महिलाओं को भी हक दिया जाने लगा है. प्रस्तावित बिल डेटा प्रोटेक्शन बिल के स्थान पर लाया जाएगा, जिसे सरकार ने इस साल अगस्त में वापस ले लिया था.
केंद्र सरकार के द्वारा जो पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल (Personal Data Protection Bill) का ड्राफ्ट शेयर किया है, उसमें जेंडर के लिए सभी जगह She या Her शब्द का इस्तेमाल किया गया है. अब तक He या His शब्दों का ही देखा गया था. इस ड्राफ्ट बिल के व्याख्या खंड (Interpretation section) पर नजर डालें तो इसमें कहा गया है कि इस अधिनियम में किसी भी व्यक्ति के लिए सभी जेंडर्स के लिए सर्वनाम “her” और “she” का यूज किया गया है.
ट्विटर पर मसौदा विधेयक शेयर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्विटर पर मसौदा विधेयक शेयर किया है और प्रस्तावित कानून पर राय मांगी है. यदि बिल कानून बन जाता है, तो यह भारत में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण पर लागू होगा. जो ड्राफ्ट शेयर किया गया है उसमें यह बताया गया है कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल एक ऐसा कानून है जो एक ओर जहां नागरिकों (डिजिटल नागरिक) के अधिकारों और कर्तव्यों को तय करता है तो वहीं दूसरी ओर डेटा फिड्यूशरी के कानूनी रूप से एकत्रित डेटा के यूज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है.
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संस्थाओं को देश के बाहर नागरिक के व्यक्तिगत डेटा को स्थानांतरित करने की अनुमति प्रदान की जाएगी, जहां किसी भी कानूनी दावे को लागू करने के लिए व्यक्तिगत डेटा की जरूरत होगी. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा जारी विस्तृत जानकारी में सात सिद्धांतों को सूचीबद्ध किया गया है, जिन पर बिल बेस्ड है. यदि आप इसपर अपनी प्रतिक्रिया देना चाहते हैं तो 17 दिसंबर तक आपकी राय जानने के लिए यह ओपन है.
