DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों को जल्द मिलेगी बड़ी खुशखबरी, डीए में हो सकती है 4 फीसदी की बढ़ोतरी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एक सप्ताह के अंदर डीए में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है. ऐसी संभावना इसलिए जतायी जा रही है, क्योंकि 15 मार्च को मोदी कैबिनेट की बैठक होनी है. वैसे में सरकार बैठक में डीए बढ़ोतरी पर भी फैसला ले सकती है.

7th Pay Commission: केंद्र सरकार अपने एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बहुत जल्द बड़ी खुशखबरी देने की तैयारी में है. ऐसी खबर है मंहगाई भत्ते (da hike) में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो डीए 38 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत हो जाएगा. हालांकि अभी इसकी घोषणा नहीं की गयी है.

एक सप्ताह के अंदर कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एक सप्ताह के अंदर डीए में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है. ऐसी संभावना इसलिए जतायी जा रही है, क्योंकि 15 मार्च को मोदी कैबिनेट की बैठक होनी है. वैसे में सरकार बैठक में डीए बढ़ोतरी पर भी फैसला ले सकती है.

7th Pay Commission: मंहगाई भत्ता बढ़कर हो सकता है 42 प्रतिशत

ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के अनुसार दिसंबर डीए में चार प्रतिशत अंक की वृद्धि हो सकती है. इसे 38 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग डीए में वृद्धि का एक प्रस्ताव बनाएगा. इसमें इसके राजस्व प्रभाव के बारे में भी बताया जाएगा. इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा. महंगाई भत्ते में वृद्धि एक जनवरी, 2023 से लागू होगी.

7th Pay Commission: 4 फीसदी डीए में बढ़ोतरी के बाद कितनी बढ़ जाएगी सैलरी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछली बार भी केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में चार फीसदी की बढ़ोतरी की थी. जिसके बाद कर्मचारियों का डीए 34 फीसदी से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया था. अगर सरकार की ओर से 4 फीसदी डीए में बढ़ोतरी का घोषणा किया जाता है, तो कुल 42 प्रतिशत होने के बाद कर्मचारियों के डीए में भारी बढ़ोतरी हो जाएगी. इसे ऐसे समझा जा सकता है. अगर किसी कर्मचारी का बेसिक सैलरी 18000 रुपये है, तो 42 प्रतिशत होने के बाद कुल डीए 7560 रुपये हो जाएगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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