DA Hike : पंजाब सरकार का फैसला, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का DA 8% बढ़ा

DA Hike : पंजाब सरकार ने महंगाई भत्ते में 8 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला किया है. सरकार के मुताबिक, इस बढ़ोतरी को लागू करने पर चालू वित्त वर्ष के बाकी सात महीनों में करीब 1,750 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा.

DA Hike : पंजाब सरकार ने शुक्रवार (18 सितंबर) को सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने अक्टूबर से महंगाई भत्ते (DA) में दो किस्तों में 8 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. पिछले कई हफ्तों से कर्मचारी और पेंशनभोगी DA की बकाया किस्त और एरियर जारी करने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. सरकार के इस फैसले के बाद लंबे समय से चला आ रहा विवाद खत्म हो गया.

यह फैसला चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी-पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया. पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि बैठक का माहौल अच्छा रहा. मुख्यमंत्री ने कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों और दूसरे मुद्दों पर खुलकर बातचीत की. इसके बाद सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला किया.

मंत्री अमन अरोड़ा ने DA को लेकर क्या  बताया

DA में 4-4 फीसदी की दो किस्तों में बढ़ोतरी की जाएगी. इसके बाद पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा. मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 8 फीसदी DA बढ़ाने से पंजाब सरकार पर हर महीने करीब 248 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. वहीं, चालू वित्त वर्ष के बचे सात महीनों में सरकार को करीब 1,750 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे. यह रकम कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़े हुए DA का भुगतान करने में खर्च होगी.

अमन अरोड़ा ने बताया कि DA विवाद को लेकर अदालत में चल रहे मामलों पर भी बैठक में चर्चा हुई. मुख्यमंत्री और कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इन मामलों को आगे नहीं बढ़ाना चाहते. हालांकि, कर्मचारियों की कुछ अन्य मांगें अभी बाकी हैं. इन मांगों पर सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ हर महीने अलग-अलग बैठक कर चर्चा करेगी.

DA विवाद पर बढ़ा था टकराव, कर्मचारियों की हड़ताल से बातचीत भी अटकी

DA और वेतन से जुड़े विवाद को लेकर पंजाब सरकार और कर्मचारियों के बीच कई हफ्तों तक टकराव रहा. जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बैठक भी नहीं हो पाई. मान ने कहा था कि बातचीत से पहले कर्मचारियों को आंदोलन वापस लेना होगा. आंदोलन के दौरान ड्यूटी से गैरहाजिर कर्मचारियों पर सरकार ने ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का नियम भी लागू किया था.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >