DA में 2% वृद्धि , इस राज्य के सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिया दिवाली गिफ्ट

DA Hike: ओडिशा सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए Dearness Allowance (DA) में 2% वृद्धि की घोषणा की. यह बढ़ोतरी जनवरी 2025 से प्रभावी होगी और तनख्वाह के साथ नकद में दी जाएगी. दिवाली से पहले यह कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए वित्तीय राहत साबित होगी.

DA Hike: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मझी ने शुक्रवार को राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के कर्मचारियों के लिए Dearness Allowance (DA) में 2% वृद्धि की घोषणा की. यह निर्णय लगभग 8.5 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभान्वित करेगा.

DA अब 55% तक बढ़ी

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, DA अब 53% से बढ़कर 55% हो गया है. बढ़ी हुई DA तनख्वाह के साथ नकद में दी जाएगी और इसमें पिछले महीनों का बैक पे भी शामिल होगा. यह वृद्धि 1 जनवरी से लागू होगी. इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को महंगाई के दबाव से राहत देना और उनकी खरीद क्षमता बढ़ाना है.

राज्य सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए भी Dearness Relief (DR) में 2% की बढ़ोतरी की है. इसे Temporary Increase (TI) के रूप में भी जाना जाता है. इससे हजारों पेंशनर और उनके परिवार लाभान्वित होंगे. कर्मचारी और पेंशनर संघों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे वित्तीय सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है.

Dearness Allowance (DA) क्या है?

Dearness Allowance (DA) सरकारी कर्मचारियों, PSU कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई के प्रभाव से निपटने के लिए दिया जाने वाला अतिरिक्त भुगतान है. यह आमतौर पर उनकी बेसिक सैलरी या पेंशन का एक निश्चित प्रतिशत होता है.

उदाहरण के लिए, यदि किसी सरकारी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹40,000 है और DA 55% है, तो DA राशि ₹40,000 × 0.55 = ₹22,000 होगी. इसका मतलब कुल सैलरी ₹40,000 + ₹22,000 = ₹62,000 होगी. DA का पुनर्निर्धारण आमतौर पर साल में एक या छह महीने में एक बार किया जाता है और यह महंगाई के आधार पर बदलता रहता है.

DA और DR का उद्देश्य

  • कर्मचारियों और पेंशनरों की खरीद क्षमता बनाए रखना
  • महंगाई के प्रभाव से वित्तीय बोझ कम करना
  • रोजमर्रा के खर्चों का सामना करना आसान बनाना

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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