Crude Oil Price: दुनियाभर के बाजारों में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं. सोमवार, 30 मार्च 2026 की सुबह ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का यह पांचवां हफ्ता है, जिसकी वजह से तेल की कीमतें खाड़ी युद्ध के बाद अपने सबसे ऊंचे मासिक स्तर पर पहुंच गई हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं कच्चे तेल के दाम?
इसका सीधा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है. इजराइल द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों और जवाबी कार्रवाई ने बाजार में डर पैदा कर दिया है. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के तेल ठिकानों पर 10 दिनों के ‘स्ट्राइक पॉज’ (हमले रोकने) का एलान किया है और शांति समझौते की बात चल रही है, लेकिन अभी तक कुछ भी आधिकारिक नहीं हुआ है. इसी अनिश्चितता के कारण ब्रेंट क्रूड 3.14% और अमेरिकी WTI क्रूड 3.01% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं.
शेयर बाजार और सोने पर क्या असर हुआ?
तेल की बढ़ती कीमतों और युद्ध के डर ने निवेशकों को डरा दिया है. अमेरिकी शेयर बाजार (Dow Jones, S&P 500, और Nasdaq) लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए. दूसरी ओर, डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई. COMEX गोल्ड लगभग 1.1% गिरकर 4,443 रुपये प्रति औंस पर आ गया है. आसान भाषा में कहें तो जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी डिमांड और कीमत कम होने लगती है.
आगे क्या होने की उम्मीद है?
फिलहाल सबकी नजरें अमेरिका और ईरान की बातचीत पर टिकी हैं. राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि ईरान उनकी 15 में से ज्यादातर शर्तें मानने को तैयार है. अगर यह शांति समझौता सफल होता है, तो ही तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है. वरना, आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट और गहरा सकता है.
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