Coronavirus outbreak : कोरोना के कहर से डॉलर के मुकाबले 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा रुपया

कोरोनावायरस की वजह से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी धराशायी हो गये. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार में भारतीय मुद्रा रुपया भी फिसलकर 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया.

मुंबई : कोरोना वायरस का कहर जारी रहने के बीच सोमवार को कारोबार की समाप्ति पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 30 पैसे गिरकर 74.17 रुपये प्रति डॉलर तक नीचे आ गया. यह इसका 17 महीने का सबसे निचला स्तर है. दुनिया के कई देशों में पांव पसार चुके कोरोना वायरस की वजह से अब आर्थिक सुस्ती गहराने को लेकर शंका बढ़ती जा रही है. शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. कच्चे तेल के दाम 21.23 फीसदी गिरकर 35.66 डॉलर प्रति बैरल रह गये हैं.

विदेशी मुद्रा डीलरों का कहना है कि कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट के बीच दुनिया की कई प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गयी. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के बाद कच्चे तेल के दाम में आयी गिरावट ने रुपये को नीचे ला दिया. अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में स्थानीय मुद्रा में कारोबार की शुरुआत 73.99 रुपये प्रति डॉलर पर हुई. इसके बाद यह ऊंचे में 73.85 रुपये और नीचे में 74.17 रुपये प्रति डॉलर तक गिरा. कारोबार की समाप्ति पर भारतीय रुपया पिछले दिन के मुकाबले 30 पैसे नीचे रहकर 74.17 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

इससे पहले पिछले हफ्ते के अंत में शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 73.87 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 43 तक पहुंच गयी है. वहीं, दुनियाभर में इस विषाणु से 1,10,000 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 3,800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार तक यह दुनिया के 100 से अधिक देशों तक पहुंच चुका था.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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