Coronavirus Outbreak : कोरोना के खतरे के बावजूद आपतक LPG गैस पहुंचाने वालों को मिलेगा 5 लाख

तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी अच्‍छी पहल करते हुए एलपीजी वितरण में शामिल कर्मियों की इस बीमारी से मृत्यु होने जाने पर मुआवजे की घोषणा की है. घोषणा के अनुसार एलपीजी वितरण में शामिल कर्मियों की मृत्‍यु हो जाने पर उनके परिजन को 5 लाख रुपये दिये जाएंगे.

नयी दिल्‍ली : कोरोना वायरस के कारण इस समय पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया है. लॉकडाउन में पूरी तरह से घर से निकलने पर ताबंदी लगा दिया गया है. हालांकि इस दौरान भी कई आवश्‍यक सेवाओं को छूट दी गयी है. लोगों को इस दौरान कोई परेशनी न हो इसका भी ध्‍यान सभी राज्‍य सरकारों की ओर दिया जा रहा है.

आवश्‍यक सेवा में लगे लोगों को भी कोरोना संक्रमण का खतरा है, इसे ध्‍यान में रखकर ऐसे लोगों के बीमा का भी लाभ सरकार की ओर दिये जाने की घोषणा की गयी है. सोमवार को तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी अच्‍छी पहल करते हुए एलपीजी वितरण में शामिल कर्मियों की इस बीमारी से मृत्यु होने जाने पर मुआवजे की घोषणा की है. घोषणा के अनुसार एलपीजी वितरण में शामिल कर्मियों की मृत्‍यु हो जाने पर उनके परिजन को 5 लाख रुपये दिये जाएंगे.

इधर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने इस फैसले का स्वागत किया है. पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार इस फैसले के दायरे में एलपीजी डीलर के सभी वैसे कर्मचारी शामिल होंगे, जो कि 25 मार्च 2020 को उनके पेरोल पर होंगे. यदि इनमें से कोई व्यक्ति कोरोना वायरस के संक्रमण में आकर जान गंवाता है तो उनके जीवन साथी को पांच लाख रुपये का एक्सग्रेशिया कंपनी की तरफ से दिया जाएगा. यदि किसी कर्मचारी का जीवन साथी नहीं है तो उनके नजदीकी रिश्तेदारों को यह राशि दी जाएगी.

रसोई गैस की कोई कमी नहीं, 40 प्रतिशत तक बढ़ी आपूर्ति

सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को कहा कि देश में रसोई गैस सहित ईंधन की कोई कमी नहीं है. कंपनियों ने कहा कि लॉकडाउन के बाद कम कर्मचारियों के बावजूद रसोई गैस की आपूर्ति औसतन प्रतिदिन 35-40 प्रतिशत बढ़ गई है.

इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए किए गए 21 दिनों के बंद के चलते उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया है कि सभी तेल उत्पादों, और खासतौर से रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बिना की बाधा के जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण बंद के शुरुआती दिनों में कुछ देरी हुई, लेकिन अब इसे सामान्य कर दिया गया है.

ओएनजीसी के स्वामित्व वाली हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार सुराणा ने कहा कि उपभोक्ताओं को एलपीजी की कमी के बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

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Author: ArbindKumar Mishra

Published by: Prabhat Khabar

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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