Coronavirus impact : रेटिंग एजेंसी फिच ने SBI समेत 9 बैंकों का आउटलुक किया नेगेटिव

भारत में फैली कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव (Coronavirus pandemic impact) से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की वजह से रेटिंग एजेंसी फिच ने स्टेट बैंक (SBI) समेत 9 बैंकों के आउटलुक को स्थायी से घटाकर नेगेटिव कर दिया है. एजेंसी ने सोमवार को कहा कि उसने एसबीआई और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक समेत 9 भारतीय बैंकों के आउटलुक को संशोधित कर स्थिर से नकारात्मक कर दिया. कोरोना वायरस महामारी के अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुए भारत की सॉवरेन रेटिंग में किये गये बदलाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

नयी दिल्ली : भारत में फैली कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव (Coronavirus pandemic impact) से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की वजह से रेटिंग एजेंसी फिच ने स्टेट बैंक (SBI) समेत 9 बैंकों के आउटलुक को स्थायी से घटाकर नेगेटिव कर दिया है. एजेंसी ने सोमवार को कहा कि उसने एसबीआई और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक समेत 9 भारतीय बैंकों के आउटलुक को संशोधित कर स्थिर से नकारात्मक कर दिया. कोरोना वायरस महामारी के अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव को देखते हुए भारत की सॉवरेन रेटिंग में किये गये बदलाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

रेटिंग एजेंसी ने एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)(न्यूजीलैंड), बैंक ऑफ इंडिया (BOI), केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), आईसीआईसीआई (ICICI Bank) बैंक, एक्सिस बैंक और भारतीय निर्यात- आयात बैंक के परिदृश्य को संशोधित कर नकारात्मक किया है. हालांकि, एजेंसी ने उनकी मौजूदा रेटिंग को बरकरार रखा है. इसके साथ ही फिच ने आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) लिमिटेड की रेटिंग को भी बरकरार रखा है, लेकिन आउटलुक को नकारात्मक रखा है.

रेटिंग एजेंसी ने एक बयान में कहा है कि उसका यह कदम 18 जून 2020 को भारत की ‘बीबीबी माइनस’ रेटिंग पर आउटलुक को स्थिर से घटाकर नकारात्मक करने के बाद उठाया गया है. यह कार्रवाई भारत की अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए की गयी.

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एजेंसी का कहना है कि भारत की सॉवरेन रेटिंग पर आउटलुक का नेगेटिव होना सरकार की तरफ से अत्यधिक समर्थन देने की क्षमता पर बढ़ते दबाव की ओर संकेत करता है. कोविड-19 महामारी (Covid-19 pandemic) की वजह से वित्तीय क्षेत्र का बिगड़ता गणित और उसके समक्ष सीमित वित्तीय गुंजाइश को देखते हुए यह स्थिति बनी है.

एजेंसी ने कहा है कि रेटिंग की इस कार्रवाई से बैंकों की व्यवहार्यता रेटिंग (VR) पर प्रभाव नहीं होगा. एक्जिम बैंक की वीआर नहीं है, क्योंकि उसकी भूमिका एक नीतिगत बैंक की है. बैंक का रणनीतिक और प्रणालीगत महत्व काफी ऊंचा है, जबकि स्टेट बैंक 25 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा भारतीय बैंक है. एसबीआई को संभवत: यदि जरूरत पड़ी, तो असाधारण रूप से सरकार का समर्थन भी प्राप्त हो सकता है, क्योंकि पूरी प्रणाली में उसका काफी बड़ा महत्व है.

posted By: Vishwat Sen

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