Cigarette Tax: 1 फरवरी से सिगरेट महंगी, केंद्र सरकार ने बढ़ाया एक्साइज टैक्स

Cigarette Tax: वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार देर रात जारी आदेश के मुताबिक, सिगरेट पर प्रति 1,000 स्टिक ₹2,050 से लेकर ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी लगाई जाएगी. यह दर सिगरेट की लंबाई और श्रेणी के आधार पर तय की गई है. नई टैक्स व्यवस्था 1 फरवरी से प्रभावी होगी. भारत में अनुमानित 10 करोड़ से अधिक धूम्रपान करने वाले इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे.

Cigarette Tax: केंद्र सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स को लेकर बड़ा कदम उठाया है. दिसंबर में मंजूरी मिले केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 के तहत अब अस्थायी लेवी की जगह स्थायी एक्साइज ड्यूटी लागू की जा रही है.

सिगरेट पर प्रति हजार स्टिक ₹2,050 से ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी

वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार देर रात जारी आदेश के मुताबिक, अब एक्साइज ड्यूटी 1,000 सिगरेट स्टिक के हिसाब से तय की जाएगी. टैक्स की दर इस बात पर निर्भर करेगी कि सिगरेट फिल्टर वाली है या बिना फिल्टर और उसकी लंबाई कितनी है.

  • 65 मिमी से कम लंबाई की बिना फिल्टर सिगरेट पर ₹2,050 प्रति 1,000 स्टिक यानी करीब ₹2.05 प्रति सिगरेट टैक्स लगेगा.
  • 65 मिमी से कम लंबाई की फिल्टर सिगरेट पर ₹2,100 प्रति 1,000 स्टिक, यानी लगभग ₹2.10 प्रति सिगरेट शुल्क तय किया गया है.
  • 65 से 70 मिमी लंबी फिल्टर सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी ₹3,600 से ₹4,000 प्रति 1,000 स्टिक के बीच होगी, यानी प्रति सिगरेट ₹3.60 से ₹4 तक.
  • 70 से 75 मिमी लंबी फिल्टर सिगरेट पर ₹5,400 प्रति 1,000 स्टिक (करीब ₹5.40 प्रति सिगरेट) टैक्स लगाया जाएगा.
  • वहीं, 75 मिमी से अधिक लंबाई वाली सिगरेट के लिए टैक्स दर अलग श्रेणी में तय की जाएगी.

GST के अलावा लगेगा एक्साइज टैक्स

नई व्यवस्था के तहत सिगरेट पर लगने वाला एक्साइज टैक्स मौजूदा 40 फीसदी टैक्स स्ट्रक्चर के अतिरिक्त होगा. फिलहाल सिगरेट पर 28 फीसदी जीएसटी और सिगरेट के आकार के आधार पर एक वैल्यू-आधारित सेस भी लगाया जाता है. भारत में सिगरेट पर कुल टैक्स फिलहाल खुदरा कीमत का करीब 53 फीसदी है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुझाए गए 75 फीसदी के लक्ष्य से अब भी काफी कम है. WHO का मानना है कि ऊंचा टैक्स तंबाकू उत्पादों की खपत को कम करने में प्रभावी भूमिका निभाता है.

राजस्व बढ़ाने के साथ खपत पर लगाम

सरकार के इस कदम को एक तरफ राजस्व बढ़ाने और दूसरी तरफ तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक टैक्स बढ़ने से खासकर युवाओं में सिगरेट की खपत पर असर पड़ सकता है. एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का असर सिगरेट बनाने वाली बड़ी कंपनियों जैसे आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया की बिक्री और मुनाफे पर भी पड़ सकता है. कीमतें बढ़ने से मांग में सुस्ती आने की आशंका जताई जा रही है.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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