Budget Session: संसद का नया साल और 18वीं लोकसभा का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया. राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए देश के भविष्य और सरकार के इरादों का खाका पेश किया.
भ्रष्टाचार पर लगाम और सामाजिक न्याय पर जोर
राष्ट्रपति ने अपने भाषण में साफ संदेश दिया कि सरकार देश में ‘सोशल जस्टिस’ (सामाजिक न्याय) को लेकर गंभीर है. उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सरकार भ्रष्टाचार और बड़े घोटालों को रोकने में कामयाब रही है, जिससे जनता का भरोसा व्यवस्था पर बढ़ा है.
कैसा रहेगा बजट सत्र का शेड्यूल ?
इस बार का बजट सत्र काफी लंबा होने वाला है. इसे दो हिस्सों में बांटा गया है.
- पहला हिस्सा: 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा.
- दूसरा हिस्सा: 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा.
- कुल मिलाकर 30 बैठकें होंगी. शुरुआती दिनों में राष्ट्रपति के भाषण पर चर्चा (Motion of Thanks) होगी और फिर सबकी नजरें यूनियन बजट पर टिकी रहेंगी.
महापुरुषों की विरासत से प्रेरणा
राष्ट्रपति ने देश की एकता और सांस्कृतिक शक्ति का जिक्र करते हुए कुछ खास ऐतिहासिक मौकों को याद किया:
- गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस.
- भगवान बिरसा मुंडा और सरदार पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रम.
- भारत रत्न भूपेन हजारिका का जयंती समारोह.
उन्होंने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों और नायकों को याद करता है, तो नई पीढ़ी को ‘विकसित भारत’ बनाने की प्रेरणा मिलती है.
