Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र के आगाज पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के सामने विकास का एक ऐसा डेटा पेश किया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में बताया कि केंद्र सरकार की सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स (सामाजिक सुरक्षा योजनाओं) का दायरा अब अभूतपूर्व तरीके से बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि सरकार दलितों, पिछड़ों और आदिवासी समुदायों के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है, जिसका परिणाम आज धरातल पर साफ दिखाई दे रहा है.
95 करोड़ देशवासियों को मिला सीधा लाभ
25 करोड़ से 95 करोड़ का सफर राष्ट्रपति ने आंकड़ों के जरिए पिछले एक दशक में आए बदलाव की तुलना की. उन्होंने बताया कि साल 2014 की शुरुआत तक देश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक ही सीमित था. लेकिन सरकार की निरंतर कोशिशों और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के संकल्प की वजह से, आज लगभग 95 करोड़ भारतीयों को इन योजनाओं का सीधा फायदा मिल रहा है. यह उछाल दिखाता है कि सरकार ने न केवल योजनाएं बनाईं, बल्कि उन्हें हर जरूरतमंद नागरिक तक पहुंचाने का काम भी पूरी पारदर्शिता के साथ किया है.
सबका साथ-सबका विकास से बदल रही है जिंदगी
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का विजन केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिंदगी पर सकारात्मक असर डाल रहा है. उन्होंने कहा कि जब समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को सरकार की सुरक्षा का एहसास होता है, तब राष्ट्र सही मायने में प्रगति करता है. सुरक्षा योजनाओं के इस विशाल विस्तार ने गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक झटकों से उबरने और एक सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने का हौसला दिया है.
