Budget Day Share Market: कल 1 फरवरी को वित्त मंत्री जब संसद में अपना बजट पिटारा खोलेंगी, तो उसकी गूंज सीधे शेयर बाजार के ट्रेडिंग फ्लोर पर सुनाई देगी. इंवेस्टर्स के लिए यह दिन किसी महा-मुकाबले से कम नहीं है. कल रविवार होने के बावजूद NSE और BSE खुले रहेंगे. 2026-27 का यह बजट इसलिए भी खास है क्योंकि वैश्विक मंदी की आहट और जियो-पॉलिटिकल तनाव के बीच भारत अपनी 8-9% की विकास दर को बनाए रखना चाहता है.
पिछले 5 बजट में शेयर बाजार ने कितनी लगाई छलांग और कितना लुढ़का?
इतिहास गवाह है कि बजट वाले दिन मार्केट की चाल को समझना आसान नहीं रहा. आइए पिछले 5 सालों का पूरा लेखा-जोखा देखते हैं:
साल 2025: मिला-जुला और शांत कारोबार
पिछले साल का बजट काफी हद तक अनुमान के मुताबिक रहा. बाजार ने कोई बड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी. सेंसेक्स महज 5 अंक की मामूली बढ़त के साथ एकदम सपाट बंद हुआ.
साल 2024: कैपिटल गेन टैक्स का शॉक
इस बजट ने निवेशकों को थोड़ा निराश किया. शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स को 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया. टैक्स का नाम सुनते ही निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी और बाजार एक समय 1200 अंक तक गिर गया था.
साल 2023: उम्मीदों और हकीकत की जंग
शुरुआत में बाजार 1200 अंक चढ़ गया था. लेकिन सिगरेट पर टैक्स बढ़ने और अडानी-हिंडनबर्ग मामले के साये के कारण अंत में सेंसेक्स महज 158 अंक ही ऊपर रह पाया, जबकि निफ्टी गिरकर बंद हुआ.
साल 2022: लॉन्ग टर्म विजन और शानदार तेजी
सरकार ने अगले 25 सालों का रोडमैप पेश किया. गति शक्ति और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश की घोषणा से निवेशकों में भरोसा जागा. उस दिन सेंसेक्स 848 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ.
साल 2021: जब बाजार ने रचा इतिहास
कोविड की मार के बाद यह पहला डिजिटल बजट था. सरकार ने हेल्थ सेक्टर और बुनियादी ढांचे पर पानी की तरह पैसा बहाने का वादा किया. नतीजा? सेंसेक्स 2314 अंक (5%) उछल गया. यह हाल के वर्षों का सबसे बेहतरीन बजट दिन था.
Budget 2026 में इन 5 पॉइंट्स पर टिकी हैं सबकी नजरें
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कल इन घोषणाओं पर मुहर लगी, तो सेंसेक्स में आग लग सकती है:
- इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च (Capex): उम्मीद है कि सरकार इसे बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये कर देगी. सीमेंट, स्टील और कंस्ट्रक्शन शेयरों के लिए यह बड़ी खबर होगी.
- टैक्स में छूट: अगर मध्यम वर्ग के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा, तो खपत बढ़ेगी. इससे ऑटो और FMCG सेक्टर के शेयरों को फायदा होगा.
- PLI स्कीम का विस्तार: सोलर, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों को सरकार से बड़े प्रोत्साहन की उम्मीद है.
- ग्रामीण रिकवरी: गांवों में रोजगार और खेती के लिए बड़ा फंड आने से ट्रैक्टर और ग्रामीण फाइनेंस कंपनियों के शेयर चमक सकते हैं.
बिहार-झारखंड के टॉप एक्सपर्ट्स के साथ बजट-26 की हर परत का विश्लेषण
Also Read: आम लोगों और इकोनॉमी पर क्या बदल सकता है?
