Stock Market Crash: बजट वाले दिन शेयर बाजार किसी रोलर-कोस्टर राइड की तरह नजर आया. जैसे ही वित्त मंत्री ने घोषणाएं शुरू कीं, बाजार में हलचल तेज हो गई और देखते ही देखते निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए. आसान शब्दों में कहें तो, अच्छी शुरुआत के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक बाजार धड़ाम से नीचे गिर गया? चलिए समझते हैं इसके पीछे के 5 असली कारण.
1. क्या निवेशकों ने मुनाफा वसूली (Profit Booking) की?
बजट पेश होने से ठीक पहले मार्केट करीब 0.5% ऊपर था. जैसे ही बजट शुरू हुआ, बड़े निवेशकों ने ऊंचे भाव पर अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया. इसे ‘प्रॉफिट बुकिंग’ कहते हैं, जिसकी वजह से बाजार नीचे आने लगा.
2. बजट और भारी उतार-चढ़ाव का क्या रिश्ता है?
इतिहास गवाह है कि बजट वाले दिन बाजार शांत नहीं रहता है. पिछले 15 सालों में से 14 बार निफ्टी में 2% से 3% तक की घट-बढ़ देखी गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकारी घोषणाओं और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) के आंकड़ों के कारण निवेशक थोड़े नर्वस रहते हैं, जिससे बाजार ऊपर-नीचे होता है.
3. ‘इंडिया VIX’ बढ़ने से क्यों डरे निवेशक?
इंडिया VIX (India VIX) को बाजार का डर मापने वाला मीटर कहा जाता है. बजट के दौरान यह 17% से ज्यादा बढ़ गया है. जब यह इंडेक्स बढ़ता है, तो इसका मतलब है कि निवेशकों में अनिश्चितता और घबराहट ज्यादा है. इसी डर की वजह से लोग संभलकर ट्रेडिंग कर रहे थे.
4. टैक्स बढ़ने से बाजार पर क्या असर पड़ा?
वित्त मंत्री ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT (Securities Transaction Tax) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया है. इस टैक्स बढ़ोतरी की खबर से ट्रेडिंग से जुड़ी कंपनियों (जैसे BSE और एंजेल वन) के शेयर 10% तक टूट गए. इससे पूरे कैपिटल मार्केट में गिरावट आ गई.
5. सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयर क्यों गिरे?
बाजार में सबसे ज्यादा मार सरकारी बैंकों पर पड़ी है. PSU बैंक इंडेक्स 4% से ज्यादा गिर गया. बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों के शेयर 6-7% तक लुढ़क गए. इंडेक्स के सभी 12 सरकारी बैंक घाटे के साथ लाल निशान में बंद हुए.
