8th Pay Commission: अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं या पेंशनर हैं, तो बजट 2026 आपके लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर तो खूब जोर दिया, लेकिन 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा. इससे कर्मचारियों में काफी नाराजगी है.
आखिर नाराजगी क्यों है?
कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार इस बजट में सैलरी बढ़ने या पेंशन में सुधार को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेगी. लेकिन बजट में इसके लिए कोई अलग से फंड नहीं रखा गया. इसका सीधा मतलब यह है कि 2026-27 में सैलरी बढ़ने के आसार फिलहाल कम ही दिख रहे हैं. इसी वजह से कर्मचारी यूनियनों (CCGEW) ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द बात नहीं हुई, तो 12 फरवरी 2026 को देशभर में एक दिन की हड़ताल की जाएगी.
कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
यूनियन ने कैबिनेट सेक्रेटरी को चिट्ठी लिखकर अपनी कुछ मांगें सामने रखी हैं.
- सैलरी में बढ़ोतरी: जब तक नई रिपोर्ट लागू नहीं होती, तब तक सैलरी और पेंशन में 20% की अंतरिम राहत (Interim Relief) मिले.
- महंगाई भत्ता (DA): 50% DA को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाए और कोरोना के समय जो 3 किस्तों का DA रोका गया था, उसे भी वापस दिया जाए.
- पुरानी पेंशन (OPS) की वापसी: नए पेंशन सिस्टम (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए.
- खाली पद: सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जाए और ठेके पर काम (Outsourcing) बंद हो.
सरकार ने बजट में चुप्पी क्यों साधी?
जानकारों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का वक्त मिला है. अभी आयोग शुरुआती दौर में है, इसलिए सरकार ने शायद अभी से बजट में इसका जिक्र नहीं किया.
अब आगे क्या होगा?
- रिपोर्ट कब आएगी ?: उम्मीद है कि आयोग अपनी रिपोर्ट 2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत तक देगा.
- क्या सैलरी पुराने हिसाब से बढ़ेगी ?: भले ही रिपोर्ट देरी से आए, लेकिन उम्मीद है कि बढ़ी हुई सैलरी 1 जनवरी 2026 से ही लागू मानी जाएगी (यानी आपको बाद में एरियर मिल सकता है).
- अगला कदम: फिलहाल सबकी नजर 12 फरवरी पर है. अगर सरकार और यूनियनों के बीच बातचीत नहीं बनी, तो काम-काज ठप हो सकता है.
