Budget 2026: आजकल हर कोई अमीर बनना चाहता है और इसके लिए यंग जनरेशन का सबसे पसंदीदा रास्ता म्यूचुअल फंड बन गया है. लेकिन क्या आपको पता है कि आने वाले बजट में सरकार कुछ ऐसे बड़े फैसले ले सकती है, जिससे आपके इन्वेस्टमेंट पर मिलने वाला प्रॉफिट होगा? म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की बॉडी AMFI ने सरकार के सामने कुछ ऐसी डिमांड्स रखी हैं जो अगर मान ली गईं, तो इन्वेस्ट करना आपके लिए और भी आसान हो जाएगा.
क्या टैक्स का बोझ अब कम होने वाला है?
जब हम शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड से पैसा कमाते हैं, तो सरकार उस पर टैक्स लेती है. अभी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर 12.5% टैक्स लगता है, जिसे घटाकर 10% करने की मांग की जा रही है. वहीं शॉर्ट टर्म प्रॉफिट पर भी टैक्स कम करने की बात चल रही है. अगर ऐसा होता है, तो आपके हाथ में आने वाला इन-हैंड रिटर्न बढ़ जाएगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स कम होने से ज्यादा से ज्यादा यंगस्टर्स SIP शुरू करने के लिए मोटिवेट होंगे.
रिटायरमेंट की प्लानिंग अब म्यूचुअल फंड से होगी?
अक्सर हम सोचते हैं कि पेंशन तो सिर्फ सरकारी नौकरी वालों के लिए है, लेकिन अब सीन बदलने वाला है. AMFI चाहता है कि सरकार म्यूचुअल फंड्स को पेंशन-फोकस्ड स्कीम्स लाने की परमिशन दे, जिनमें टैक्स छूट भी मिले. यानी अब आप अपनी जवानी में इन्वेस्ट करेगें और बुढ़ापे में एक फिक्स्ड इनकम का जुगाड़ हो जाएगा. इसके साथ ही, जैसे अभी ELSS (टैक्स बचाने वाला फंड) होता है, वैसे ही DLSS यानी डेट लिंक सेविंग्स स्कीम लाने का भी प्लान है, जो उन लोगों के लिए बेस्ट होगा जो रिस्क कम लेना चाहते हैं.
क्या पुराने फायदे फिर से वापस आएंगे?
पिछले कुछ समय में डेट फंड्स (जहां रिस्क कम होता है) से कुछ फायदे छीन लिए गए थे, जैसे इंडेक्सेशन. इंडेक्सेशन का मतलब होता है महंगाई को देखते हुए टैक्स में छूट मिलना. बजट 2026 में इसे फिर से बहाल करने की मांग की जा रही है ताकि डेट फंड्स से मिलने वाला रिटर्न महंगाई को मात दे सके और इन्वेस्टर्स को घाटा न हो.
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