Crypto Market: बिटक्वाइन के निवेशकों के लिए सोमवार को एक बड़ी खुशखबरी आई. तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद, दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन (Bitcoin) ने 80,000 डॉलर (करीब 80,594 डॉलर) के स्तर को पार कर लिया है. आखिरी बार यह जादुई आंकड़ा 31 जनवरी को देखा गया था. सिर्फ बिटक्वाइन ही नहीं, बल्कि ईथर (Ether) जैसे छोटे टोकन्स की कीमतों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई है.
बाजार के जानकारों का मानना है कि 80,000 डॉलर का स्तर एक बड़ी मनोवैज्ञानिक बाधा थी, जिसे पार करना निवेशकों के भरोसे के लिए बहुत जरूरी था. फिलहाल लंदन के समय के अनुसार बिटक्वाइन थोड़ी स्थिरता के साथ 80,000 डॉलर के ठीक ऊपर ट्रेड कर रहा है.
शेयर बाजार और ग्लोबल टेंशन का क्या है कनेक्शन?
क्रिप्टो मार्केट में यह उछाल ऐसे समय पर आया है जब एशियाई शेयर बाजार (Asian Stocks) अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर को छूने के करीब हैं. पिछले हफ्ते टेक कंपनियों के शानदार मुनाफे ने निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है. हालांकि, ग्लोबल मार्केट में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का साया अब भी बरकरार है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका उन जहाजों को रास्ता दिखाएगा जो ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के संघर्ष में शामिल नहीं हैं. दूसरी ओर, ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी हस्तक्षेप को ‘सीजफायर’ का उल्लंघन माना जाएगा. इन मिली-जुली खबरों के बीच निवेशकों ने सावधानी के साथ निवेश जारी रखा है.
क्या $85,000 तक पहुंच जाएगी कीमत?
बिटक्वाइन का सफर पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. पिछले साल अक्टूबर में इसने $1,26,000 का रिकॉर्ड हाई बनाया था, लेकिन फरवरी तक गिरकर $60,000 पर आ गया था. अब धीरे-धीरे यह अपनी पुरानी चमक वापस पा रहा है. इस रिकवरी के पीछे सबसे बड़ा हाथ संस्थागत मांग (Institutional Demand) का है. पिछले शुक्रवार को ही अमेरिकी बिटक्वाइन ईटीएफ (ETFs) में $630 मिलियन का निवेश आया. फाल्कनएक्स के ट्रेडिंग हेड सीन मैकनल्टी के अनुसार, जिस तरह से डेरिवेटिव मार्केट में हलचल है, उससे पूरी उम्मीद है कि इस महीने के बीच तक बिटक्वाइन $85,000 तक जा सकता है.
क्या अमेरिका में आने वाले हैं नए नियम?
कीमतें बढ़ने की एक और बड़ी वजह राजनीतिक गलियारों से आ रही है. ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका में ‘स्टेबलक्वाइन यील्ड’ (Stablecoin Yield) को लेकर कोई बड़ा समझौता हो सकता है. अगर ऐसा होता है, तो सीनेट में क्रिप्टो से जुड़े नए कानूनों का रास्ता साफ हो जाएगा. ‘DACM’ फर्म के रिचर्ड गैल्विन का कहना है कि हालांकि अभी यह शुरुआती दिन हैं, लेकिन नियमों में स्पष्टता की उम्मीद ने ट्रेडर्स के मूड को काफी सकारात्मक बना दिया है.
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