Dream 11: बिहारी मजदूर की किस्मत पलटी, रातों-रात बन गया करोड़पति

Dream 11: देशभर में इस समय आईपीएल 2025 की धूम है. शाम होते ही सभी टीवी सेट के पास बैठ जाते हैं या फिर मोबाइल फोन पर लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए मैच का आनंद उठाते हैं. खिलाड़ी मैदान के अंदर चौके-छक्के लगा रहे हैं और करोड़ों रुपये कमा रहे हैं, तो कुछ लोग Dream11 जैसे ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म पर करोड़पति बन रहे हैं. आईपीएल के दौरान बिहार के एक मजदूर की किस्मत भी पलटी और रातों-रात करोड़पति बन गया.

Dream 11: बिहार के छपरा का रहने वाला आनंद कुशवाहा अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए बेंगलुरु चला गया था. उसकी मां दूसरों के खेत में जाकर मजदूरी करती थी. जबकि पिता राजा राम कुशवाहा एक सब्जी विक्रेता हैं. आनंद ने कभी सपने भी नहीं सोचा होगा कि वो एक दिन करोड़पति बन जाएगा. लेकिन उसकी किस्मत मुंबई इंडियन और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले ने बदल दी. उस मुकाबले में आनंद ने ड्रीम 11 में पैसे लगाए थे. जिससे उन्हें एक करोड़ रुपये की इनामी राशि जीती.

पिता को बताया तो कहा- क्यों मुझे बेवकूफ बना रहा

आनंद कुशवाहा ने जब एक करोड़ रुपया जीत लिया, तो उसने सबसे पहले अपनी खुशी पिता के सामने जाहीर की. उसने पिता को फोन किया और बताया कि उसने एक करोड़ रुपये जीत लिए हैं. उसकी बातों पर पिता को विश्वास नहीं हुआ औ उन्होंने आनंद से कहा- क्यों मुझे बेवकूफ बना रहा है. पिता ने बेटे को सुबह बात करने का आदेश देकर फोन काट दिया. लेकिन कुछ ही देर बाद आनंद के पिता को बधाई मिलने लगी. उनके घर पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई.

पक्का घर और दुकान खोलना चाहते हैं पिता

आनंद कुशवाहा जब ड्रीम 11 में एक करोड़ रुपये जीतकर अपने गांव लौटा, तो उसका स्वागत किसी सेलेब्रिटी की तरह किया गया. इनामी राशि से क्या करेंगे? जब आनंद के पिता से यह पूछा गया, तो उन्होंने कहा, सबसे पहले वो अपना पक्का मकान बनवाएंगे और फिर एक दुकान खोलेंगे. ताकी परिवार के किसी भी सदस्य को मजदूरी न करना पड़े.

पिछले साल आनंद ने गंवाये थे 22 हजार रुपये

ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म एक प्रकार का जुआ है, जिसमें आर्थिक नुकसान होने की संभावना सबसे अधिक होती है. इसलिए इसपर पैसे सोच-समझकर लगाना चाहिए. बल्कि इससे दूर ही रहने की सलाह दी जाती है. बहरहाल, आनंद कुशवाहा की बात करें, तो पिछले सीजन उसने 22 हजार रुपये लुटाए थे. प्रभात खबर ऐसे किसी भी ऑनलाइन गेमिंग एप का समर्थन नहीं करता, जिसमें आर्थिक रूप से नुकसान का खतरा हो. ऐसे गेम पर कई राज्यों में प्रतिबंध भी लगाया गया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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