अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो सितंबर में तारीख देखकर प्लान करना जरूरी होगा. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर को देशभर में हड़ताल का फैसला किया है. इस हड़ताल का असर खासकर सरकारी बैंकों की सेवाओं पर पड़ सकता है. ऐसे में कैश निकालने, चेक जमा करने या बैंक ब्रांच से जुड़े दूसरे जरूरी कामों में दिक्कत आ सकती है.
मामला सिर्फ एक दिन की हड़ताल तक सीमित नहीं है. यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आगे भी हड़ताल की चेतावनी दी है. इसका मतलब है कि सितंबर और अक्टूबर में बैंकिंग से जुड़े काम करने वाले ग्राहकों और कारोबारियों को अपनी तारीखें पहले से देखकर चलना पड़ सकता है.
11 सितंबर को बैंक क्यों रहेंगे बंद?
UFBU ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में देरी, परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव यानी काम के प्रदर्शन से जुड़े प्रोत्साहन को लेकर मतभेद और पेंशन से जुड़े लंबित मुद्दों समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल का फैसला किया है. UFBU बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की नौ यूनियनों का संयुक्त संगठन है. संगठन का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से मांगें रखी जा रही हैं.
4 दिन तक बैंकिंग कामकाज पर असर क्यों पड़ सकता है?
11 सितंबर शुक्रवार है. इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी है. ऐसे में कई जगहों पर बैंकिंग सेवाओं पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ सकता है. इसके अलावा 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी भी है. ग्राहकों के लिए इसका सीधा मतलब है कि अगर कोई जरूरी बैंकिंग काम है, तो उसे आखिरी समय तक टालना परेशानी बढ़ा सकता है.
ध्यान रखने वाली तारीखें:
| तारीख | क्या है |
| 11 सितंबर | UFBU की राष्ट्रव्यापी हड़ताल |
| 12 सितंबर | शनिवार की निर्धारित छुट्टी |
| 13 सितंबर | रविवार |
| 14 सितंबर | कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी |
सितंबर के बाद फिर कब हो सकती है हड़ताल?
UFBU ने 28 सितंबर से तीन दिन की एक और राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है. यह हड़ताल छमाही खातों के बंद होने के समय के साथ पड़ रही है, इसलिए बैंकिंग कामकाज और कारोबार पर इसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है. अगर मांगों पर बात नहीं बनती है, तो यूनियनों ने 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी चेतावनी दी है.
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