ATM से 4 से अधिक बार पैसे निकालने पर कट जाएंगे 173 रुपये? जानिए क्या है सच

एटीएम से ट्रांजेक्शन को लेकर वायरल हो रहे मैसेज की पड़ताल पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने की. जिसमें पाया गया कि मैसेज पूरी तरह से फेक है. पीआईबी फेक्ट चेक की टीम ने वायरल मैसेज को अपने ट्विटर हैंडल में शेयर किया और बताया, मैसेज फर्जी है.

सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि अपने बैंक एटीएम से 4 से अधिक बार निकासी करने पर कुछ पैसे कट जाएंगे. खबर वायरल होने के बाद लोग इसे तेजी से शेयर कर रहे हैं. आइये वायरल मैसेज की सचाई के बारे में पड़ताल करें.

वायरल मैसेज में क्या किया जा रहा दावा

वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि ATM से 4 से अधिक बार पैसे निकालने पर 173 रुपये काटे जाएंगे. मैसेज में यह भी बताया गया है कि 4 से अधिक बार एटीएम से पैसे निकालने पर 150 रुपये टैक्स और 23 रुपये सर्विस चार्ज बैंक अकाउंट से काटे जाएंगे. इसके अलावा वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि बैंक में भी 4 बार लेन-देन के बाद हर ट्रांजेक्शन के बाद 150 रुपये कट जायेंगे.

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क्या है वायरल मैसेज की सच

एटीएम से ट्रांजेक्शन को लेकर वायरल हो रहे मैसेज की पड़ताल पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने की. जिसमें पाया गया कि मैसेज पूरी तरह से फेक है. पीआईबी फेक्ट चेक की टीम ने वायरल मैसेज को अपने ट्विटर हैंडल में शेयर किया और बताया, मैसेज फर्जी है.

क्या एटीएम से ट्रांजेक्शन के नियम

पीआईबी फेक्ट चेक की टीम ने एटीएम से लेन-देन से जुड़े नियम के बारे में भी लोगों को बताया. जिसके अनुसार अपने बैंक के एटीएम कार्ड से हर माह 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन किये जा सकते हैं. 5 बार लेन-देन करने के बाद अधिकतम 21 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन या कोई टैक्स होने पर वह अलग से देना होगा.

वायरल मैसेज से रहें सावधान

सोशल मीडिया में आये दिन ऐसे कई तरह के फर्जी मैसेज वायरल होते रहते हैं. कई लोग मैसेज की पड़ताल किये बिना दूसरों के पास शेयर कर देते हैं, जिससे अफवाह को और बल मिलता है. कई लोग ऐसे वायरल मैसेज से ठगी के शिकार भी आसानी से हो जाते हैं. इसलिए हमेशा लोगों को जागरुक किया जाता है कि वायरल मैसेज की अच्छी तरह पड़ताल करने के बाद ही उसे दूसरों के पास शेयर करना चाहिए. साथ ही यह भी बताया जाता है कि अपनी निजी जानकारी या बैंक से जुड़ी कोई भी जानकारी दूसरों के पास शेयर करने से हमेशा बचना चाहिए.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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