Atal Pension Yojana : पेंशन और बुढ़ापे की वित्तीय सुरक्षा को लेकर देश के आम लोगों के बीच जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. सरकार की सबसे लोकप्रिय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक ‘अटल पेंशन योजना’ (Atal Pension Yojana – APY) अब एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की राह पर है. पेंशन फंड रेगुलेटर ‘पीएफआरडीए’ (PFRDA) के चेयरमैन एस रमन के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष (2026-27) में इस योजना से जुड़ने वाले लोगों (अंशधारकों) की कुल संख्या 10 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर जाएगी.
सालाना 18% की रफ्तार से बढ़ रहे हैं ग्राहक
अटल पेंशन योजना की सालाना ग्रोथ रेट (बढ़त) करीब 18 फीसदी बनी हुई है. आंकड़ों की नजर से देखें तो यह योजना देश में कितनी तेजी से पैर पसार रही है.
- वित्त वर्ष 2024-25 का अंत: ग्राहकों की संख्या 7.61 करोड़ थी.
- वित्त वर्ष 2025-26 का अंत: संख्या बढ़कर 8.96 करोड़ हो गई. (यानी सिर्फ एक साल में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए लोग जुड़े!)
- ताजा स्थिति (30 अप्रैल 2026 तक): यह आंकड़ा 9.04 करोड़ को भी पार कर चुका है.
पीएफआरडीए प्रमुख ने बताया कि इस योजना में सबसे अच्छी बात यह देखी जा रही है कि 18 से 25 साल के युवाओं का नामांकन (रजिस्ट्रेशन) बहुत तेजी से बढ़ा है. इसका मतलब है कि देश के युवा अब अपने भविष्य और बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए काफी गंभीर हो रहे हैं.
क्या है अटल पेंशन योजना ?
यह योजना साल 2015 में विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुरू की गई थी जो असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) में काम करते हैं, जैसे मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, ड्राइवर, या घरों में काम करने वाले लोग, जिनका कोई निश्चित पीएफ (PF) या पेंशन नहीं होती.
- कौन जुड़ सकता है: 18 से 40 वर्ष की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक जिसका बैंक खाता हो और वह इनकम टैक्स (आयकर) न देता हो.
- फायदा क्या है: आपके द्वारा जमा किए जाने वाले मासिक प्रीमियम (अंशदान) के आधार पर, 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद आपको हर महीने ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की न्यूनतम गारंटीड पेंशन मिलती है.
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का भी जलवा
अटल पेंशन योजना के साथ-साथ नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का बाजार भी तेजी से बड़ा हो रहा है. पीएफआरडीए का अनुमान है कि इस साल (2026-27) एनपीएस के ग्राहकों में 22% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल सकती है.
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