Housing Prices: दुनिया भर में जारी तनाव और ग्राहकों के बीच अनिश्चितता के माहौल के कारण घरों की बिक्री में गिरावट आई है. इसका सीधा असर घरों की कीमतों पर पड़ा है. देश के 7 सबसे बड़े शहरों में पिछली तिमाही के मुकाबले घरों के दाम में केवल 2 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई है.
बिक्री घटने से थमी कीमतों की रफ्तार
आमतौर पर प्रॉपर्टी के दाम तेजी से भागते हैं, लेकिन इस बार पश्चिम एशिया के युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता ने ग्राहकों को डरा दिया है. जब खरीदार कम हुए, तो कीमतों में वैसी तेजी नहीं दिखी जैसी उम्मीद थी. सालाना आधार पर कीमतें 7% बढ़ी हैं, लेकिन पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के मुकाबले यह बढ़त सिर्फ 2% है.
किस शहर में क्या है रेट? (प्रति वर्ग फुट)
- मुंबई (MMR): देश का सबसे महंगा बाजार, जहां औसत रेट 17,600 रुपये तक पहुंच गया है.
- दिल्ली-एनसीआर: यहां सालाना 15% की बड़ी बढ़त दिखी है. अब औसत रेट 9,620 रुपये है.
- बेंगलुरु: आईटी हब में घर अब औसत 9,310 रुपये के भाव पर मिल रहे हैं.
- पुणे और कोलकाता: यहां कीमतें अभी भी बड़े शहरों के मुकाबले कम हैं. कोलकाता में सबसे सस्ता घर (औसत 6,290 रुपये) मिल रहा है.
बिक्री में गिरावट की वजह
रिपोर्ट बताती है कि घरों की बिक्री की मात्रा (Volume) में 7% और कुल वैल्यू में 6% की कमी आई है. लोगों ने फिलहाल पैसा निवेश करने के बजाय “वेट एंड वॉच” (इंतजार करो और देखो) की नीति अपनाई है.
| शहर | औसत कीमत (₹/sq.ft.) | सालाना बढ़त |
| मुंबई (MMR) | 17,600 | 4% |
| दिल्ली-एनसीआर | 9,620 | 15% |
| बेंगलुरु | 9,310 | 7.6% |
| पुणे | 8,220 | 5.3% |
| चेन्नई | 7,165 | 3.8% |
| कोलकाता | 6,290 | 6% |
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