अक्षय तृतीया पर गजब दिखा क्रेज, दाम में लगी आग, फिर भी 20 टन सोने पर टूट पड़े खरीदार

Akshaya Tritiya Gold Sales: अक्षय तृतीया पर सोने की कीमतें 1.54 लाख रुपये तक पहुंचने के बावजूद देशभर में 20 टन गोल्ड की रिकॉर्ड बिक्री हुई है. जानिए क्यों महंगे दाम भी ग्राहकों को नहीं रोक पाए.

Akshaya Tritiya Gold Sales: इस साल अक्षय तृतीया के मौके पर सोने की कीमतों में लगी आग भी ग्राहकों के उत्साह को ठंडा नहीं कर पाई. भले ही सोने के दाम आसमान छू रहे हों, लेकिन भारत के जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर में इस बार भी जबरदस्त रौनक देखने को मिली. 19 अप्रैल को मनाए गए इस शुभ त्योहार पर देशभर के ज्वेलरी शोरूम्स में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी है. जानकारों का कहना है कि ऊंचे दामों के बावजूद लोगों का सोने के प्रति भरोसा कम नहीं हुआ है और इस बार बिक्री के आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है. 

कितना बिका सोना और किन राज्यों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े के मुताबिक, इस साल अक्षय तृतीया पर देशभर में लगभग 18 से 20 टन सोने का कारोबार हुआ है. व्यापार की शुरुआत दक्षिण भारत से हुई, जहां सुबह से ही स्टोर्स पर लंबी कतारें देखी गईं. वहीं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दोपहर 2 बजे के बाद खरीदारी ने रफ्तार पकड़ी और मांग इतनी ज्यादा थी कि शोरूम्स को देर रात तक खुला रखना पड़ा. पिछले साल सोना करीब 90,000 रुपये (प्रति 10 ग्राम) के आसपास था, जो इस साल बढ़कर लगभग 1,54,000 रुपये तक पहुंच गया है, फिर भी लोगों ने इसे निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया माना है. 

शादी की खरीदारी या शगुन का सिक्का: क्या पसंद कर रहे हैं ग्राहक?

कल्याण ज्वेलर्स के रमेश कल्याणरामन का कहना है कि इस बार न सिर्फ ‘शगुन’ के लिए सोने के सिक्के और हल्की ज्वेलरी बिकी, बल्कि शादियों के लिए भारी गहनों की भी जमकर एडवांस बुकिंग हुई. उत्तर और पश्चिम भारत के बाजारों में जबरदस्त मोमेंटम दिखा. दिलचस्प बात यह है कि इस बार ‘क्विक कॉमर्स’ (जैसे Swiggy Instamart) के जरिए भी लोगों ने घर बैठे सोने और चांदी के सिक्के मंगवाए. इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिली जो शोरूम की भीड़भाड़ से बचना चाहते थे या आखिरी समय पर खरीदारी करना चाहते थे.

क्या बदल रही है युवाओं की पसंद और किसमें बढ़ रहा है निवेश?

कामा ज्वेलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कोलिन शाह ने बताया कि इस साल बिक्री में पिछले साल के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. अब युवा ग्राहक सिर्फ 22 कैरेट सोने तक सीमित नहीं हैं. पहली बार खरीदारी करने वाले युवा अब 9 कैरेट, 14 कैरेट और 18 कैरेट की डायमंड ज्वेलरी और हल्के वजन वाले गहनों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं. यह ज्वेलरी न केवल बजट में आती है, बल्कि ऑफिस या डेली यूज के लिए भी व्यावहारिक है. इसके अलावा, चांदी के सिक्कों और आर्टिफेक्ट्स की मांग में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

महंगाई के बावजूद क्यों नहीं कम हुआ गोल्ड का क्रेज?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की बढ़ती कीमतें अब ग्राहकों को डराती नहीं, बल्कि उन्हें यह भरोसा दिलाती हैं कि उनका पैसा सुरक्षित है और बढ़ रहा है. सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ अब लोग सोने को एक ‘सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट’ के तौर पर देख रहे हैं. भारी मांग और बाजार के रुझान को देखते हुए यह साफ है कि आने वाले फेस्टिव सीजन में भी जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर में यह तेजी बरकरार रहने वाली है. 

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By Soumya shahdeo

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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