Income Tax Benefits for Seniors: बुढ़ापे की डगर पर आर्थिक सुरक्षा बहुत जरूरी है. भारत सरकार ने सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजंस के बोझ को कम करने के लिए इनकम टैक्स नियमों में कई खास छूट दी हैं. अगर आप या आपके घर के बड़े टैक्स भरते हैं, तो वित्त वर्ष 2025-26 के ये नियम आपके बहुत काम के हैं.
किसे माना जाएगा सीनियर और सुपर सीनियर?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि टैक्स की नजर में आप किस कैटेगरी में आते हैं.
- सीनियर सिटीजन: वो भारतीय निवासी जिनकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है, लेकिन 80 साल से कम है.
- सुपर सीनियर सिटीजन: वो निवासी जिनकी उम्र 80 साल या उससे अधिक हो चुकी है. इन दोनों ही श्रेणियों को सामान्य नागरिकों के मुकाबले ज्यादा टैक्स बेनेफिट्स मिलते हैं.
क्या बुजुर्गों को भी एडवांस टैक्स भरना होगा?
आमतौर पर नियम यह है कि अगर आपकी सालाना टैक्स लायबिलिटी 10,000 रुपये से ज्यादा है, तो आपको एडवांस टैक्स (Advance Tax) किस्तों में भरना पड़ता है. लेकिन इनकम टैक्स एक्ट की धारा 207 वरिष्ठ नागरिकों को यहां बड़ी राहत देती है. अगर आप एक सीनियर सिटीजन हैं और आपकी कमाई का जरिया बिजनेस या प्रोफेशन नहीं है (जैसे केवल पेंशन या ब्याज से आय है), तो आपको एडवांस टैक्स भरने की कोई जरूरत नहीं है. आप साल के अंत में अपना रिटर्न भरते समय ही टैक्स चुका सकते हैं. नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 में भी एडवांस टैक्स की 10,000 रुपये वाली लिमिट को बरकरार रखा गया है.
क्या ऑफलाइन फॉर्म भरकर भी काम चल सकता है?
आजकल लगभग हर काम ऑनलाइन (e-filing) होता है, जो कई बार बुजुर्गों के लिए सिरदर्द बन जाता है. यहां सुपर सीनियर सिटीजंस (80+ उम्र) के लिए एक विशेष सुविधा है. अगर वे अपना इनकम टैक्स रिटर्न Form ITR-1 या ITR-4 के जरिए भर रहे हैं, तो उनके लिए ई-फाइलिंग अनिवार्य नहीं है. वे चाहें तो पेपर मोड यानी ऑफलाइन तरीके से भी अपना रिटर्न जमा कर सकते हैं. हालांकि, अगर वे तकनीक के साथ सहज हैं, तो ऑनलाइन फाइलिंग का विकल्प हमेशा खुला है.
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