US Customs Refund: न्यूयॉर्क से आ रही खबरों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए विवादित आयात शुल्कों (Import Tariffs) की वापसी की प्रक्रिया आज, सोमवार (20 अप्रैल, 2026) से आधिकारिक तौर पर शुरू हो रही है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इन शुल्कों को असंवैधानिक करार दिया था, जिसके बाद अब सरकार को यह पैसा लौटाना पड़ रहा है.
रिफंड की प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन?
‘अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP)’ ने स्पष्ट किया है कि रिफंड की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी.
- पोर्टल: आयातक (Importers) और उनके एजेंट सोमवार सुबह 8 बजे से ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दावा पेश कर सकते हैं.
- समय सीमा: दावा मंजूर होने के बाद पैसा वापस मिलने में 60 से 90 दिन का समय लग सकता है.
- प्राथमिकता: रिफंड चरणबद्ध तरीके (Phased Manner) से दिया जाएगा. सबसे पहले उन भुगतानों को निपटाया जाएगा जो हाल ही में किए गए हैं.
अदालत ने क्यों बताया इसे असंवैधानिक?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आपातकालीन शक्तियों (Emergency Powers) का गलत इस्तेमाल किया था. अदालत के अनुसार, आयात शुल्क लगाना और कर निर्धारण करना अमेरिकी संसद (Congress) का अधिकार है. राष्ट्रपति द्वारा सीधे शुल्क लगाकर संसद के अधिकारों का उल्लंघन किया गया, जिससे यह पूरी प्रक्रिया अवैध हो गई.
आंकड़ों की नजर में रिफंड का पैमाना
यह रिफंड प्रक्रिया वैश्विक व्यापार के इतिहास में सबसे बड़ी वापसी में से एक हो सकती है:
- कुल राशि: लगभग 166 अरब डॉलर का शुल्क वसूला गया था.
- प्रभावित आयातक: करीब 3,30,000 कंपनियों ने यह टैक्स भरा था.
- पहला चरण: फिलहाल सभी मामलों को शामिल नहीं किया गया है, केवल चुनिंदा श्रेणियों को पहले चरण में रिफंड का मौका मिला है.
आम जनता पर क्या होगा असर ?
विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्कों की वापसी से व्यापारिक लागत कम होगी. हालांकि इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं (Consumers) तक पहुँचने में समय लगेगा, लेकिन लंबे समय में इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटोमोबाइल और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है.
