Air India Plane Crash: हादसे पर LIC का बड़ा फैसला, अब डेथ सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पड़ेगी

Air India Plane Crash: सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) ने इस हादसे के बाद एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि इस हादसे में जिनकी जान गई है, उनके परिजनों को बीमा क्लेम के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) देने की जरूरत नहीं होगी. इसके बदले, सरकार या एयर इंडिया द्वारा जारी कोई भी आधिकारिक दस्तावेज या मुआवजा भुगतान का सबूत मान्य होगा.

Air India Plane Crash: अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे का शिकार हो गई. महज़ कुछ मिनट उड़ान के बाद ही जहाज मेघानी नगर इलाके में गिर पड़ा. ये भारत के इतिहास का करीब एक दशक का सबसे बड़ा हवाई हादसा माना जा रहा है.

LIC ने दी राहत

सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) ने इस हादसे के बाद एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि इस हादसे में जिनकी जान गई है, उनके परिजनों को बीमा क्लेम के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) देने की जरूरत नहीं होगी. इसके बदले, सरकार या एयर इंडिया द्वारा जारी कोई भी आधिकारिक दस्तावेज या मुआवजा भुगतान का सबूत मान्य होगा. इस फैसले का मकसद है—शव की पहचान या कागजी प्रक्रिया में देरी के कारण परिजनों को मानसिक और आर्थिक बोझ से बचाना.

मदद चाहिए तो LIC के पास पहुंचिए, हेल्पलाइन भी चालू

LIC ने बताया कि उनके अधिकारी हादसे में मृत बीमाधारकों के परिवारों से सीधे संपर्क करेंगे और जल्द से जल्द बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा. परिजन चाहें तो नजदीकी LIC ब्रांच, डिवीजन या कस्टमर जोन से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा एक हेल्पलाइन नंबर – 022 68276827 भी जारी किया गया है.

हादसा कैसे हुआ

चंद मिनट में तबाही, एक दशक का सबसे भयानक विमान हादसा. यह फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुई थी. टेकऑफ के चंद मिनट बाद ही विमान रिहायशी इलाके में जा गिरा.

1.25 लाख लीटर ईंधन बना मौत का कारण

गृह मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी कि विमान में मौजूद 1.25 लाख लीटर जेट फ्यूल और उस दिन की तेज गर्मी ने इसे ‘अन्सर्वाइवेबल’ हादसा बना दिया. मतलब, ज़िंदा बचना नामुमकिन था. AI‑171 हादसा Boeing 787‑8 Dreamliner विमान की अब तक की पहली घातक दुर्घटना है. ये वही Dreamliner है, जिसे बेहतर टेक्नोलॉजी और सेफ्टी के लिए जाना जाता था.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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