Aditya Birla Fashion and Retail को बोर्ड से मिली डिमर्जर की मंजूरी, जल्द बनेगी अलग लिस्टेड एंटिटी

Aditya Birla Fashion and Retail: मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल जल्द ही आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड से अलग होकर अपना कारोबार शुरु करेगी. इसके लिए निदेशक मंडल के द्वारा मंजूरी दे दी गयी है. कंपनी के अलग होने के 12 महीनों के भीतर 2,500 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी जुटाने की योजना है.

Aditya Birla Fashion and Retail: भारतीय शेयर बाजार के दोनों सूचकांक कल तेजी के साथ बंद हुए. इसी बीच खबर आयी कि आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लि. के निदेशक मंडल ने मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल कारोबार को अलग करने की मंजूरी दे दी है. बाजार बंद होने के बाद, इस बात की जानकारी देते हुए कंपनी ने बताया कि उसकी योजना कंपनी के अलग होने के 12 महीनों के भीतर 2,500 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी जुटाने की है. कंपनी ने इस महीने मूल्य सृजन के अवसर खोलने के लिए अपने खुदरा कारोबार मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल को एक अलग सूचीबद्ध इकाई में विभाजित करने की योजना की घोषणा की.

डीमर्जर पर क्या बोली आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल

बयान के अनुसार, एबीएफआरएल के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को बैठक में आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स लिमिटेड (एबीएलबीएल) के अलग होने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. विभाजित होने की प्रक्रिया पूरी होने पर एबीएलबीएल अलग से सूचीबद्ध होगी. एबीएफआरएल ने कहा कि इस प्रक्रिया को एनसीएलटी व्यवस्था योजना के माध्यम से लागू किया जाएगा और इसके पूरा होने पर एबीएफआरएल के सभी शेयरधारकों के पास दोनों कंपनियों में समान शेयरधारिता होगी. कंपनी ने बयान में कहा कि प्रक्रिया के पूरा होने के 12 महीनों के भीतर एबीएफआरएल ने अपने बहीखाते को मजबूत करने और शेष इकाइयों की वृद्धि को जरूरी कोष उपलब्ध कराने के लिए 2,500 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी जुटाने की योजना बनाई है.

क्या करती है कंपनी


मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल (MFL) व्यवसाय में चार फास्ट फैशन ब्रांड – लुई फिलिप, वैन ह्यूसेन, एलन सोली और पीटर इंग्लैंड के साथ-साथ अमेरिकन ईगल और फॉरएवर 21 जैसे कैजुअल वियर ब्रांड शामिल हैं. इसके पास स्पोर्ट्सवियर ब्रांड रीबॉक और वैन ह्यूसेन के तहत इनरवियर व्यवसाय के लिए एक ब्रांड लाइसेंस भी है, जिसे एक अलग सूचीबद्ध इकाई में विभाजित किया जाएगा. FY23 में, मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल ने आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के 12,417.90 करोड़ रुपये के को कंसोलिडेटेड राजस्व में 8,306.97 करोड़ रुपये का योगदान दिया था.

1999 में हुआ था मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल का अधिगृहण

आदित्य बिड़ला ग्रुप फर्म ने साल 1999 के दिसंबर में ब्रिटिश मल्टीनेशनल कंपनी कोट्स वियेला की भारतीय इकाई से मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल को अधिग्रहित किया था. कंपनी कपड़े, जूते और परफॉर्मेंस मैटेरियल बनाने का काम करती थी. आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल से मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल के अलग होने के बाद, कंपनी के पास पैंटालून और स्टाइल अप का साथ होगा, जो वैल्यू रिटेल पर फोकस करता है. इसके अलावा उसके पास, द कलेक्टिव, गैलरीज लाफायेट और अन्य चयनित लक्जरी ब्रांड होंगे. जबकि, मदुरा फैशन एंड लाइफस्टाइल एक एक लक्जरी बिजनेस पोर्टफोलियो भी होगा.

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