Hindenburg के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा Adani Group, अमेरिकी लॉ फर्म वॉचटेल को किया हायर

Adani Group ने अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की प्लानिंग की है. इसके लिए अदाणी समूह अमेरिकी लॉ फर्म वॉचटेल की सेवाएं लेने जा रहा है.

Hindenburg Adani Row: अमेरिका की शार्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च के 24 जनवरी को अदाणी ग्रुप के बारे में नकारात्मक रिपोर्ट जारी करने के बाद से समूह के शेयरों में लगभग 9.4 लाख करोड़ रुपये या उनके कुल बाजार पूंजीकरण का लगभग 49 प्रतिशत घटा है. वहीं, अब अदाणी समूह ने अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की प्लानिंग की है. इसके लिए अदाणी समूह अमेरिकी लॉ फर्म वॉचटेल की सेवाएं लेने जा रहा है.

टॉप वकीलों से सलाह ले रहा अदाणी समूह

हिंडनबर्ग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बना चुके अदाणी समूह ने जिस अमेरिका लॉ फर्म वॉचटेल को चुना है, वह दुनिया भर में विवादित मामलों में कानूनी सेवाएं देने के लिए ही जानी जाती है. अडाणी समूह की ओर से न्यूयॉर्क स्थित वाचटेल लिप्टन, रोसेन और काट्ज के टॉप वकीलों से इस बारे में सलाह ले रहा है कि हिंडनबर्ग के खिलाफ अदालत में केस को मजबूती से कैसे रखा जाए. बताते चलें कि हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप के संबंध में 32 हजार शब्दों की एक रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में कहा गया कि अदाणी समूह दशकों से शेयरों के हेरफेर और अकाउंट की धोखाधड़ी में शामिल है. इसके अलावा, रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मॉरीशस से लेकर संयुक्त अरब अमीरात तक टैक्स हेवन देशों में अदाणी परिवार की कई मुखौटा कंपनिया मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल मनी लांड्रिंग के लिए किया जाता है.

अदाणी समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयर घाटे में

शुक्रवार को भी शुरुआती कारोबार में अदाणी समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयर घाटे में नजर आए. वहीं, वित्तीय सूचकांक प्रदाता MSCI ने अपनी समीक्षा के बाद अपने सूचकांक में 4 कंपनियों के भार में कटौती की, जिसके बाद Adani Group की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर 10 प्रतिशत गिए गए. बाजार में मिले-जुले रुख के बीच, अदाणी समूह की लगभग 7 कंपनियां लाल निशान में कारोबार कर रही थीं, जबकि अन्य तीन कंपनी हरे निशान पर कारोबार कर रही थी. कंपनी का बाजार पूंजीकरण शुरुआती कारोबार में घटकर 2.14 लाख करोड़ रुपये रह गया.

हिंडनबर्ग रिसर्च पर कभी नहीं लगा प्रतिबंध: एंडरसन

वहीं, हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक एंडरसन ने कहा है कि उनकी कंपनी पर कभी प्रतिबंध नहीं लगा और न ही कभी उसके बैंक खाते पर रोक लगाई गई. साथ ही कंपनी के खिलाफ कोई जांच भी नहीं चल रही है. एंडरसन ने ट्विटर पर एक रिपोर्ट साझा करते हुए ऐसी किसी भी खबर को खारिज करते हुए कहा कि हिंडनबर्ग न कभी प्रतिबंधित हुई है न ही उसके खिलाफ कोई जांच चल रही है. उन्होंने कहा, हम पर एफआईएनआरए ने प्रतिबंध लगा दिया है. कभी नहीं. हमारे बैंक खाते जब्त कर लिए गए हैं, नहीं. एनवाईएसई पर सूचीबद्ध कंपनी पर कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं कर सकते, ऐसा नहीं है. हमारे खिलाफ जांच जारी है, नहीं.

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By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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