अदाणी ग्रुप ने निवेशकों को दिया भरोसा, कहा - काफी अच्छी स्थिति में है हमारा बही-खाता

अदाणी ग्रुप के सीएफओ जुगशिंदर सिंह ने तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद एक निवेशक चर्चा में कहा कि समूह अपने आंतरिक नियंत्रण, अनुपालन और कंपनी संचालन को लेकर आश्वस्त है. समूह ने अपनी कंपनियों के वित्तीय ब्योरे का सारांश भी अलग से जारी करते हुए यह बताने की कोशिश की कि उसके पास समुचित नकदी है.

नई दिल्ली : अदाणी ग्रुप ने अपनी कंपनियों के शेयरों में जारी उठापटक के बीच बुधवार को निवेशकों को भरोसा देते हुए कहा कि उसका बही-खाता ‘बहुत अच्छी’ स्थिति में है और उसकी नजर कारोबार वृद्धि की रफ्तार कायम रखने पर टिकी हुई है. अमेरिकी निवेश शोध फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर शेयरों के दाम गलत तरीके से बढ़ाने का आरोप लगाए जाने के बाद से समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इससे निवेशकों के हितों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

ग्रुप के पास कर्ज चुकाने की क्षमता मौजूद

अदाणी ग्रुप के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) जुगशिंदर सिंह ने तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद एक निवेशक चर्चा में कहा कि समूह अपने आंतरिक नियंत्रण, अनुपालन और कंपनी संचालन को लेकर आश्वस्त है. समूह ने अपनी कंपनियों के वित्तीय ब्योरे का सारांश भी अलग से जारी करते हुए यह बताने की कोशिश की कि उसके पास समुचित नकदी है और वह अपने कर्जों को चुकाने की क्षमता रखता है.

पूंजी बाजार रणनीति की करेंगे समीक्षा

अदाणी ग्रुप के सीएफओ जुगशिंदर सिंह ने कहा कि हमारा बही-खाता बहुत अच्छी स्थिति में है. हमारे पास उद्योग की अग्रणी विकास क्षमता, मजबूत कंपनी संचालन, सुरक्षित संपत्तियां एवं सशक्त नकद प्रवाह है. मौजूदा बाजार के स्थिर होते ही हम अपनी पूंजी बाजार रणनीति की समीक्षा करेंगे, लेकिन इस तरह का कारोबार देने की क्षमता को लेकर आश्वस्त हैं, जो शेयरधारकों को तगड़ा रिटर्न दे सकें.

24 जनवरी के बाद से दबाव में अदाणी ग्रुप

गौतम अदाणी की अगुवाई वाला यह समूह 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद से ही लगातार दबाव में है. हालांकि, समूह ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठ बताते हुए उन्हें खारिज कर दिया, लेकिन निवेशकों का भरोसा इससे प्रभावित हुआ है. पिछले तीन सप्ताह में समूह की कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन 125 अरब डॉलर तक गिर चुका है. इस संदर्भ में जुगशिंदर सिंह ने कहा कि हमारा ध्यान बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में अपना कारोबारी रफ्तार जारी रखने पर केंद्रित हैं. हमें अपने आंतरिक नियंत्रण, नियम अनुपालन और कंपनी संचालन को लेकर भरोसा है.

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अदाणी ग्रुप पर 2.26 लाख रुपये का कर्ज

अदाणी ग्रुप पर सितंबर, 2022 की तिमाही के अंत में 2.26 लाख करोड़ रुपये का कुल कर्ज था, जबकि उसके पास 31,646 करोड़ रुपये की नकदी थी. सीएफओ ने कहा कि समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयरधारकों को मूल्य दिलाने के लिए अनुशासित तरीके से पूंजी लगाने का 25 वर्षों का इतिहास रहा है और इस अवधि में समूह की कंपनियां कई क्षेत्रों में अगुवा बनकर उभरी हैं.

समाचार एजेंसी भाषा का इनपुट

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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