ट्राइ की रिपोर्ट: दुनिया में चीन के बाद भारत दूसरा बड़ा बाजार, 1.18 अरब हो गये फोन व मोबाइल के उपभोक्ता

नयी दिल्ली : देश में दूरसंचार उपभोक्ताओं (मोबाइल और लैंडलाइन) की संख्या फरवरी 2017 के अंत तक 1.18 अरब पर पहुंच गयी. उससे पिछले माह की तुलना में यह 1.17 प्रतिशत अधिक है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है. फरवरी माह के दौरान मोबाइल फोन ग्राहकों की संख्या […]

नयी दिल्ली : देश में दूरसंचार उपभोक्ताओं (मोबाइल और लैंडलाइन) की संख्या फरवरी 2017 के अंत तक 1.18 अरब पर पहुंच गयी. उससे पिछले माह की तुलना में यह 1.17 प्रतिशत अधिक है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) के आंकड़ों में यह जानकारी दी गयी है. फरवरी माह के दौरान मोबाइल फोन ग्राहकों की संख्या में 1.37 करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ.

कभी लैंडलाइन फोन काफी लोकप्रिय हुआ करते थे, लेकिन आज इनकी मांग में लगातार गिरावट आ रही है. सस्ते हैंडसेटों के साथ सस्ती मोबाइल दरों और कई तरह की मुफ्त सुविधाओं की वजह से मोबाइल फोन बाजार तेजी से बढ़ रहा है. पिछले कुछ माह के दौरान नयी कंपनी रिलायंस जियो के साथ भारती एयरटेल और वोडाफोन जैसी कंपनियां ग्राहकों के लिए आकर्षक पेशकश लेकर आ रही हैं. इस कारण भी मोबाइल बाजार तेजी से बढ़ रहा है. भारतीय दूरसंचार बाजार चीन के बाद दूसरे नंबर पर है.

एक माह में बढ़ गये 1.37 करोड़ मोबाइल ग्राहक

जनवरी 2017 के अंत तक देश में फोन ग्राहकों की संख्या 117.48 करोड़ थी, जो फरवरी में 118.85 करोड़ हो गयी.

शहरी क्षेत्रों में फोन कनेक्शन 1.6 प्रतिशत बढ़कर 69.21 करोड़ से अधिक हो गयी, जो जनवरी के अंत तक 68.11 करोड़ थी.

ग्रामीण क्षेत्रों में फोन कनेक्शन 0.56% बढ़कर 49.63 करोड़ हुई, जो पिछले महीने के अंत तक 49.36 करोड़ थी.

कुल मिला कर मोबाइल ग्राहकों की संख्या में 1.37 करोड़ का इजाफा हुआ. इससे मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़ कर 1.18 अरब हो गयी.

63 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है भारतीय दूरसंचार कंपनियों की आय 2026 तक

नयी दिल्ली : जीडीपी की उच्च वृद्धि दर एवं आबादी में बढ़ोतरी के साथ देश में दूरसंचार कंपनियों की परंपरागत सेवाओं से आय 2026 तक बढ़कर 63 अरब डॉलर यानी 4 लाख करोड़ रुपये पहुंच जाने का अनुमान है. स्वीडन की दूरसंचार उपकरण विनिर्माता एरिक्सन की रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है. दूरसंचार परिचालक अगर विविध पेशकश करते हैं तो उनकी आय में और 20 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है. रिपोर्ट के मुताबिक, दूरसंचार कंपनियों की परंपरागत सेवाओं (वॉयस एवं डाटा) से आय 37 अरब डालर से बढ़कर 63 अरब डाॅलर हो जाने का अनुमान है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दूरसंचार परिचालकों की समायोजित सकल आय 31 दिसंबर 2016 के अंत में 163604.7 करोड़ रुपये थी.

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