8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए इसकी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है. इसके साथ ही आयोग ने मंत्रालयों, विभागों, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और अन्य संबंधित लोगों से सुझाव और राय भी मांगी है, ताकि अंतिम सिफारिशें तैयार करते समय हर पहलू को ध्यान में रखा जा सके.
आयोग ने अपनी वेबसाइट पर क्या कहा ?
आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि बेहतर और संतुलित सिफारिशें देने के लिए सभी हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं. इसके लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों वाला एक संरचित प्रश्नपत्र (questionnaire) जारी किया गया है. इसमें केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी, कोर्ट स्टाफ, रेगुलेटरी बॉडी के सदस्य, कर्मचारी संगठनों, पेंशनरों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और आम लोगों से भी राय मांगी गई है.
- जवाब देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी
- सभी प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण सामूहिक (aggregate) रूप में किया जाएगा
- किसी व्यक्ति या संस्था का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाएगा
प्रश्नावली भरने की आखिरी तारीख
8वें वेतन आयोग के अनुसार सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 16 मार्च 2026 (सोमवार) तय की गई है. ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल MyGov पोर्टल के जरिए भेजे गए जवाब ही मान्य होंगे, ईमेल, PDF या कागज पर भेजे गए सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
8वें वेतन आयोग का गठन कब हुआ ?
- जनवरी 2025 में आयोग के गठन की घोषणा हुई थी.
- 3 नवंबर 2025 को वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया.
- उसी समय आयोग के Terms of Reference (ToR) को मंजूरी मिली.
- आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.
कौन-कौन दे सकता है सुझाव ?
प्रश्नावली में हिस्सा लेने के लिए दायरा काफी बड़ा रखा गया है. इसमें शामिल हैं
- केंद्र सरकार के कर्मचारी
- केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
- न्यायिक अधिकारी और कोर्ट स्टाफ
- रेगुलेटरी संस्थाओं के सदस्य और कर्मचारी
- कर्मचारी यूनियन और एसोसिएशन
- रिटायर्ड कर्मचारी और पेंशनर
- शोधकर्ता और अकादमिक
- अन्य संबंधित व्यक्ति
प्रश्नावली में किस तरह के सवाल पूछे गए हैं ?
आयोग ने कई अहम मुद्दों पर राय मांगी है, जैसे
- देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वेतन आयोग की नीति क्या होनी चाहिए.
- फिटमेंट फैक्टर किस आधार पर तय हो.
- वरिष्ठ पदों (जैसे सचिव स्तर) का वेतन तय करने का तरीका क्या हो.
- क्या शीर्ष पदों पर वैरिएबल पे होना चाहिए.
- अलग-अलग वेतन स्तरों में इंक्रीमेंट की दर और अंतराल समान हों या अलग.
कर्मचारियों और पेंशनरों पर क्या असर पड़ेगा ?
8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद
- सैलरी स्ट्रक्चर बदल सकता है
- भत्तों की नई व्यवस्था बन सकती है
- पेंशन में संशोधन होगा
- महंगाई के हिसाब से बेहतर वेतन संतुलन संभव है
- सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए यह आयोग आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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