सैलरी, DA और एरियर पर बड़ा फैसला कब ? जानें ताजा अपडेट

8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू करते हुए सुझाव मांगे हैं. MyGov पोर्टल पर प्रश्नावली जारी है, अंतिम तारीख 16 मार्च 2026 है. आयोग सैलरी, भत्ते और पेंशन ढांचे में बदलाव पर राय लेकर रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसका असर कर्मचारियों पर पड़ेगा.

8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए इसकी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है. इसके साथ ही आयोग ने मंत्रालयों, विभागों, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और अन्य संबंधित लोगों से सुझाव और राय भी मांगी है, ताकि अंतिम सिफारिशें तैयार करते समय हर पहलू को ध्यान में रखा जा सके.

आयोग ने अपनी वेबसाइट पर क्या कहा ?

आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि बेहतर और संतुलित सिफारिशें देने के लिए सभी हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं. इसके लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों वाला एक संरचित प्रश्नपत्र (questionnaire) जारी किया गया है. इसमें केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी, कोर्ट स्टाफ, रेगुलेटरी बॉडी के सदस्य, कर्मचारी संगठनों, पेंशनरों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और आम लोगों से भी राय मांगी गई है.

  • जवाब देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी
  • सभी प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण सामूहिक (aggregate) रूप में किया जाएगा
  • किसी व्यक्ति या संस्था का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाएगा

प्रश्नावली भरने की आखिरी तारीख

8वें वेतन आयोग के अनुसार सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 16 मार्च 2026 (सोमवार) तय की गई है. ध्यान देने वाली बात यह है कि केवल MyGov पोर्टल के जरिए भेजे गए जवाब ही मान्य होंगे, ईमेल, PDF या कागज पर भेजे गए सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे.

8वें वेतन आयोग का गठन कब हुआ ?

  • जनवरी 2025 में आयोग के गठन की घोषणा हुई थी.
  • 3 नवंबर 2025 को वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया.
  • उसी समय आयोग के Terms of Reference (ToR) को मंजूरी मिली.
  • आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

कौन-कौन दे सकता है सुझाव ?

प्रश्नावली में हिस्सा लेने के लिए दायरा काफी बड़ा रखा गया है. इसमें शामिल हैं

  • केंद्र सरकार के कर्मचारी
  • केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
  • न्यायिक अधिकारी और कोर्ट स्टाफ
  • रेगुलेटरी संस्थाओं के सदस्य और कर्मचारी
  • कर्मचारी यूनियन और एसोसिएशन
  • रिटायर्ड कर्मचारी और पेंशनर
  • शोधकर्ता और अकादमिक
  • अन्य संबंधित व्यक्ति

प्रश्नावली में किस तरह के सवाल पूछे गए हैं ?

आयोग ने कई अहम मुद्दों पर राय मांगी है, जैसे

  • देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वेतन आयोग की नीति क्या होनी चाहिए.
  • फिटमेंट फैक्टर किस आधार पर तय हो.
  • वरिष्ठ पदों (जैसे सचिव स्तर) का वेतन तय करने का तरीका क्या हो.
  • क्या शीर्ष पदों पर वैरिएबल पे होना चाहिए.
  • अलग-अलग वेतन स्तरों में इंक्रीमेंट की दर और अंतराल समान हों या अलग.

कर्मचारियों और पेंशनरों पर क्या असर पड़ेगा ?

8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद

  • सैलरी स्ट्रक्चर बदल सकता है
  • भत्तों की नई व्यवस्था बन सकती है
  • पेंशन में संशोधन होगा
  • महंगाई के हिसाब से बेहतर वेतन संतुलन संभव है
  • सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए यह आयोग आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Also Read : मसाले-दवाइयां-डायमंड्स पर 0 ड्यूटी, पीयूष गोयल ने बताए डील के फायदे

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >