8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आ रही है. 8वें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन के बाद अब कर्मचारियों से जुड़े संगठन उनकी सहूलियत के लिए नई-नई मांगें आयोग के सामने रख रहे हैं.
इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने सरकार के सामने कुछ बेहद दिलचस्प और फायदेमंद प्रस्ताव पेश किए हैं.
कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि कर्मचारियों को कार खरीदने, त्योहार मनाने और मुसीबत के वक्त सरकारी मदद के तौर पर एडवांस पैसे मिलने की व्यवस्था फिर से शुरू या अपग्रेड की जाए.
कार खरीदने के लिए ₹10 लाख का एडवांस
स्टाफ साइड ने आयोग से सिफारिश की है कि केंद्रीय कर्मचारियों को चार पहिया वाहन (कार) खरीदने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का एडवांस दिया जाना चाहिए.
सबसे खास बात यह है कि इस पूरे लोन या एडवांस को पूरी तरह ‘ब्याज मुक्त’ (Interest-free) रखने की मांग की गई है. इस मांग के पीछे संगठन का तर्क है कि आज के समय में कार कोई लग्जरी या दिखावे की चीज नहीं रह गई है.
परिवार के साथ सुरक्षित सफर करने के लिए यह हर किसी की बुनियादी जरूरत बन चुकी है. इसलिए सरकार को इसमें मदद करनी चाहिए.
त्योहारों के लिए एक महीने की बेसिक सैलरी
भारत जैसे त्योहारों और विविधताओं वाले देश में खर्चों को ध्यान में रखते हुए ‘फेस्टिवल एडवांस’ को दोबारा शुरू करने की मांग की गई है. प्रस्ताव के मुताबिक, कर्मचारियों को उनके एक महीने के बेसिक वेतन के बराबर त्योहार एडवांस दिया जाए.
इस पैसे को कर्मचारी आसान किस्तों में चुका सकेंगे. संगठन ने सुझाव दिया है कि इसे चुकाने के लिए कर्मचारियों को 10 किस्तों (Installments) का समय मिलना चाहिए.
प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) के समय मदद
आजकल देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़, चक्रवात या सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं. ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है.
पहले सरकारी कर्मचारियों को इसके लिए एडवांस मिलता था, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था. अब स्टाफ साइड ने इसे फिर से बहाल करने की मांग की है. इसके तहत एक महीने की बेसिक सैलरी एडवांस के रूप में देने और उसे 24 आसान किस्तों में वापस लेने की सिफारिश की गई है.
मौजूदा एडवांस की लिमिट बढ़ाने पर भी जोर
इन तीन नई मांगों के अलावा, कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने कंप्यूटर एडवांस और होम बिल्डिंग एडवांस (घर बनाने के लिए मिलने वाली मदद) जैसी मौजूदा योजनाओं की लोन सीमा को भी आज की महंगाई के हिसाब से बढ़ाने की वकालत की है.
आगे क्या होगा ?
आपको बता दें कि 8वां वेतन आयोग इस समय अलग-अलग विभागों, संगठनों और जानकारों से उनके सुझाव (Memorandums) ले रहा है. आयोग इन सभी प्रस्तावों और मांगों का गहराई से अध्ययन करेगा. उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग अपनी शुरुआत के 18 महीनों के भीतर सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें सौंप देगा, जिसके बाद ही सरकार इन पर अंतिम फैसला लेगी.
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