चीन की आर्थिक वृद्धि दर 25 साल में न्यूनतम स्तर पर

बीजिंग : चीन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2015 में सात प्रतिशत से नीचे फिसल कर 6.9 प्रतिशत रही जो पिछले 25 साल का न्यूनतम स्तर है. इससे देश-विदेश में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में नरमी बरकरार रहने संबंधी की चिंता बढ गयी है. चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) के आज जारी […]

बीजिंग : चीन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2015 में सात प्रतिशत से नीचे फिसल कर 6.9 प्रतिशत रही जो पिछले 25 साल का न्यूनतम स्तर है. इससे देश-विदेश में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में नरमी बरकरार रहने संबंधी की चिंता बढ गयी है. चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) के आज जारी आंकडों के मुताबिक चौथी तिमाही में वृद्धि दर घटर 6.8 प्रतिशत रही जो 2009 के वित्तीय संकट के बाद से अब तक का न्यूनतम आंकडा है.

इस तरह 2015 की सालाना वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रही. चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने पिछले साल कहा था कि चीन की सरकार ने 2015 के लिए करीब सात प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य रखा है. एनबीएस ने कहा कि आंकडे के मुताबिक चीन का सकल घरेलू उत्पाद 2015 में करीब 10,300 अरब डालर रहा और इसमें सेवा क्षेत्र का योगदान 50.5 प्रतिशत है. पहली बार सेवा क्षेत्र के योगदान का आंकडा विनिर्माण को पीछे छोडकर 50 प्रतिशत को पार कर गया.

दुनिया भर में साल 2008 में भी मंदी आयी थी लेकिन उस दौरान चीन पूरी तरह से डटा रहा लेकिन इस बार पैदा हुए आर्थिक संकटका सबसे ज्यादा असरचीन पर ही पर देखा जा रहा है. पूरी दुनिया एक बार फिर मंदी के मुहाने पर खड़ी है.शंघाई का स्टॉक एक्सचेंज 13 महीनों के सबसे न्यूनतम स्तर पर है. चीन की एक सेन्ट्रल बैंक द्वारा लगातार छह बार ब्याज दरों में कटौती के बाद भी अर्थव्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं देखा गया है. आर्थिक विश्लेषकों की माने तो चीन में बढ़ता कर्ज इसके अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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