''मेक इन इंडिया'' अभियान के बाद एफडीआई में 48 प्रतिशत की वृद्धि

नयी दिल्ली : देश में ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की शुरुआत के साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) अक्तूबर 2014 से अप्रैल 2015 की अवधि के दौरान सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़ा. उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई के एक सेमिनार में औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) में संयुक्त सचिव अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि इस पहल […]

नयी दिल्ली : देश में ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की शुरुआत के साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) अक्तूबर 2014 से अप्रैल 2015 की अवधि के दौरान सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़ा. उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई के एक सेमिनार में औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) में संयुक्त सचिव अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि इस पहल की शुरुआत के बाद एफडीआई में सालाना आधार पर 47 से 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

हमने मेक इन इंडिया सितंबर में शुरु की….यह बताता है कि वास्तव में एफडीआई आ रहा है. डीआईपीपी के अनुसार अक्तूबर 2014 से अप्रैल 2015 के दौरान भारत ने 19.84 अरब डालर एफडीआई प्राप्त किया जो पिछले साल इसी अवधि में 13.4 अरब डालर था. उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआई ने भी देश में बड़ी राशि निवेश की.

चुतर्वेदी ने कहा, यह बताता है कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश में रुचि दिखा रहे हैं. 2014-15 में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में 1.11 लाख करोड़ रुपये निवेश किये जो 2013-14 में 79,708 करोड़ रुपये था.

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