नयी दिल्ली: रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे में निवेश को बढाने के लिए इन्वेस्टर्स मीट बुलाई गयी हैं. मीटिंग में एफडीआइ और पीपीपी मॉडल के जरिए इन्वेस्टमेंट पर चर्चा में इंफ्रास्ट्रचर से जुडी दिग्गज कंपनियां हिस्सा ले रही हैं. नयी सरकार बनने के बाद पहली बार इस तरह की इन्वेस्टर्स मीट बुलाई गयी है.
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चरऔर सर्विसों में निजी निवेश को बढाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि रेल सेवाओं में विकास के लिए निजी क्षेत्रों की कंपनियों को बढचढ कर आगे आना चाहिए. रेलवे के निजीकरण के सवाल पर रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा बल्कि इसका नियंत्रण सरकार के पास ही रहेगा.
सुरेश प्रभु ने बताया कि देश में रेलवे क्रॉसिंग पर हो रहे हादसे को देखते हुए बहुत जल्द ही मानवरहित क्रॉसिंग का निर्माण किया जाएगा. इसपर अगले हफ्ते तक पॉलिसी लायी जाएगी. रेलमंत्री ने कहा कि अगले 3 से 4 सालों में रेलवे की हालात बदल जाएगी.
इन्वेस्टर्स मीटिंग में कई कंपनियां जैसे आरआइएल, आर इंफ्रा, अदानी पोर्ट, एलएंडटी, एसबीआई, जीएमआर,टाटा , मित्सूई, सीमेंस, डेलॉएट, एनएमडीसी और बीएचइएल जैसी कंपनियां शामिल हैं.
