रिलायंस, वोडाफोन की समुद्री केबल प्रणाली को मिली मंजूरी

हैदराबाद : वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की समिति ने आज रिलायंस, वोडाफोन की समुद्री केबल प्रणाली को मंजूरी दे दी है. समिति ने ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, भारत, श्रीलंका और मलेशिया तक समुद्र के भीतर बिछाई जाने वाली बे-ऑफ बंगाल गेटवे सबमरीन केबल सिस्टम को तटीय नियमन जोन के तहत मंजूरी दे दी. समिति ने […]

हैदराबाद : वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की समिति ने आज रिलायंस, वोडाफोन की समुद्री केबल प्रणाली को मंजूरी दे दी है. समिति ने ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, भारत, श्रीलंका और मलेशिया तक समुद्र के भीतर बिछाई जाने वाली बे-ऑफ बंगाल गेटवे सबमरीन केबल सिस्टम को तटीय नियमन जोन के तहत मंजूरी दे दी.

समिति ने मुंबई और चेन्नई में भारत के हिस्से में पड़ने वाली इस केबल प्रणाली के 100 गीगाबाइट प्रति सेंकेड (100 गीगा) की प्रणाली को मंजूरी दे दी है.वोडाफोन साउथ लिमिटेड मुंबई में इस कार्य को अमली जामा पहनाएगी, जबकि मुकेश अंबानी समूह की इंफोटेल टेलीकॉम लिमिटेड चेन्नई के संथोमे समुद्र तट पर केबल बिछाने की इस परियोजना का काम करेगी.

अल्काटेल – लुसेंट, यूरोनेक्स्ट और न्यूयार्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी और कई कंपनियों के एक समूह जिसमें वोडाफोन समूह, डियालोग एक्सिया, एमिरेट्स टेलिकम्युनिकेशंस कार्पोरेशन (एतिसालात), रिलायंस जियो इंफोकॉम :अब इंफोटेल टेलिकॉम: ओमानटेल और टेलिकॉम मलेशिया ने मिलकर पिछले साल ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, भारत और श्रीलंका तथा मलेशिया के बीच नई 100 गीगाबाइट प्रति सैकिंड गति की समुद्री केबल प्रणाली बिछाने के टर्न-की अनुबंध पर हस्ताक्षर किये. बंगाल की खाडी से चलने वाली इस 8,000 किलोमीटर लंबी केबल प्रणाली के जरिये छह देशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी, निर्भरता और तीव्र गति सुनिश्चित की जा सकेगी.

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