प्रिंट और आउटडोर विज्ञापन के जरिये भारत में पांव पसार रही ई-कॉमर्स कंपनियां

नयी दिल्ली : ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में प्रिंट और आउटडोर विज्ञापन के माध्यम से भारत में पैठ बनाने में जुटी हुई हैं. यह खुलासा विज्ञापन क्षेत्र में रिसर्च करने वाली संस्था ग्रुप एम की एक रिपोर्ट में किया गया है. अंग्रेजी के अखबार लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम, गूगल पे, फ्लिपकार्ट सहित कई […]

नयी दिल्ली : ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में प्रिंट और आउटडोर विज्ञापन के माध्यम से भारत में पैठ बनाने में जुटी हुई हैं. यह खुलासा विज्ञापन क्षेत्र में रिसर्च करने वाली संस्था ग्रुप एम की एक रिपोर्ट में किया गया है. अंग्रेजी के अखबार लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम, गूगल पे, फ्लिपकार्ट सहित कई ई-कॉमर्स कंपनियां प्रिंट के जरिये क्रेडिबिलिटी बनाती हैं और भारतीय बाजार में अपनी पहुंच बना रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में इन कंपनियों द्वारा प्रिंट मीडिया को 18,140 करोड़ रुपये से अधिक का विज्ञापन देने की उम्मीद है.

ग्रुप एम के मैनेजिंग पार्टनर एच विश्वनाथ ने कहा, "प्रिंट मीडिया का दायरा बड़ा है, और यह छोटे-छोटे क्षेत्रों में फैला हुआ है. इसके साथ ही, इन माध्यमों की विश्वसनीयता भी अधिक है, इसलिए सभी ई-कॉमर्स कंपनी प्रिंट विज्ञापन के जरिये ही अपना दायरा बढ़ा रही है."

फोनपे ने हाल ही में कहा है कि वे प्रिंट मीडिया को 800 करोड़ रुपये से अधिक का विज्ञापन देगी. फोनपे के फाउंडर समीर निगम ने कहा, " हमें अभी अधिक से अधिक लोगों तक अपना मार्केट विस्तार करना है. हमारे इस काम के लिए प्रिंट मीडिया सबसे ज्यादा उपयोगी है, इसलिए हम प्रिंट मीडिया का उपयोग करते हैं.

प्रिंट विज्ञापन ब्रांड रिकॉल और समाजिक इमेज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. 2018 में व्हाट्सएप ने फेक न्यूज से बचने के लिए सभी अखबारों में फ्रंट पेज विज्ञापन दिया था, जिसमें फेक न्यूज से कैसे बचे के बारे में बताया गया था.

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