केंद्र सरकार ने शुरू की कॉमर्शियल माइनिंग के लिए कोल ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया

नयी दिल्ली : सरकार ने बुधवार को कहा कि वह देश में वाणिज्यिक उद्देश्य से कोयला खनन के लिए कोयला ब्लॉक की नीलामी की प्रकिया शुरू करने जा रही है और इसमें पिछले दौर की नीलामी इसी वित्त वर्ष में की जा सकती है. सरकार के खनन कानूनों को सरल बनाने के लिए अध्यादेश को […]

By Prabhat Khabar Print Desk | January 15, 2020 7:08 PM

नयी दिल्ली : सरकार ने बुधवार को कहा कि वह देश में वाणिज्यिक उद्देश्य से कोयला खनन के लिए कोयला ब्लॉक की नीलामी की प्रकिया शुरू करने जा रही है और इसमें पिछले दौर की नीलामी इसी वित्त वर्ष में की जा सकती है. सरकार के खनन कानूनों को सरल बनाने के लिए अध्यादेश को मंजूरी देने के कुछ दिन बाद यह घोषणा की गयी है. इससे कोयला खोज और उत्खनन क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों को भारत में काम करने की अनुमति मिलेगी.

कोयला मंत्रालय ने बयान में कहा कि भारत में स्थापित कंपनी या संयुक्त उद्यम वाणिज्यिक कोयले के लिए कोयला प्रखंडों की नीलामी में भाग लेने के लिए पात्र है. इसमें कहा गया है कि खान तथा खनिज (विकास एवं विनियमन) (एमएमडीआर) अधिनियम, 1957 और कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 में हाल के संशोधनों के बाद कोयला मंत्रालय इस दिशा में आगे बढ़ते हुए कोयले की बिक्री हेतु कोयला खदानों की नीलामी के लिए प्रक्रिया शुरू कर रहा है. इसका आयोजन कई चरणों में किया जाना है. पहले चरण की शुरुआत चालू वित्त वर्ष में किया जाना प्रस्तावित है.

सरकार ने 74 खदानों की सूची जारी की है. इसे वाणिज्यिक खनन के तहत नीलाम करने की योजना है. मंत्रालय ने हितधारकों को परिचर्चा पत्र और खदान से जुड़ी विशेष जानकारियों को गौर करने का अनुरोध किया है और अपने विचार एवं सुझाव देने के लिए कहा है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूर अध्‍यादेश के जरिये खनन के लिए बिना खोजे गये एवं आंशिक रूप से खोजे गये कोयला ब्‍लॉकों की नीलामी संभव हो गयी है.

सरकार के इन कदमों से घरेलू कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों के लिए भी कोयले क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन का रास्ता खुलने की उम्मीद है. इससे आर्थिक वृद्धि एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा भी मिलेगा.

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