कामगारों और छोटी बचत करने वालों को लगा झटका : सरकार ने नहीं बढ़ायी पीपीएफ, एनएससी और केवीपी की ब्याज दरें

नयी दिल्ली : देश के बैंकों और डाकघरों में छोटी-मोटी रकम जमा करने वालों को सरकार ने करारा झटका दिया गया है. सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और भविष्य निधि कोष (पीपीएफ) सहित लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है. इसे भी देखें : सरकार ने […]

नयी दिल्ली : देश के बैंकों और डाकघरों में छोटी-मोटी रकम जमा करने वालों को सरकार ने करारा झटका दिया गया है. सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और भविष्य निधि कोष (पीपीएफ) सहित लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है.

इसे भी देखें : सरकार ने लघु बचत योजनाओं पर की ब्याज दरों में 0.1 फीसदी की कटौती, कल से नया नियम हो जायेगा लागू

वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, तिमाही के दौरान पीपीएफ और एनएससी पर आठ फीसदी का ब्याज मिलेगा. वहीं, किसान विकास पत्र (केवीपी) पर 7.7 फीसदी का ब्याज मिलेगा और यह 112 महीने में परिपक्व होगा. लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है.

अधिसूचना में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों को 2018-19 की चौथी तिमाही के बराबर यानी यथावत रखा गया है. पांच साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर को 8.7 फीसदी पर कायम रखा गया है. वरिष्ठ नागरिक योजना पर ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है.

इसी तरह बचत जमा पर ब्याज दर को चार फीसदी सालाना पर यथावत रखा गया है. छोटी लड़कियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 8.5 फीसदी का ब्याज दिया जायेगा. एक से पांच साल की मियादी जमा पर 7 से 7.8 फीसदी का ब्याज मिलेगा, जिसका भुगतान तिमाही आधार पर होगा. वहीं, पांच साल की आवर्ती जमा (आरडी) पर ब्याज दर 7.3 फीसदी होगी.

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