रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का अनुमान : ई-कॉमर्स के नये नियम से परंपरागत दुकानों की बढ़ सकती है बिक्री

नयी दिल्ली : वित्तीय रेटिंग तय करने वाली एजेंसी क्रिसिल के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए हाल में घोषित सख्त नियमों से देश में किराना व्यवसायियों की बिक्री में डेढ़ से दो फीसदी यानी 10,000-12,000 करोड़ रुपये तक का सुधार दिख सकता है. क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा है कि अपने कारोबार मॉडल में […]

नयी दिल्ली : वित्तीय रेटिंग तय करने वाली एजेंसी क्रिसिल के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए हाल में घोषित सख्त नियमों से देश में किराना व्यवसायियों की बिक्री में डेढ़ से दो फीसदी यानी 10,000-12,000 करोड़ रुपये तक का सुधार दिख सकता है.

क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा है कि अपने कारोबार मॉडल में कई प्रकार के बुनियादी बदलाव करके कारोबार कर रही कंपिनयों को अब उन्हें हाल में घोषित संशोधित और अधिक कठोर नियमों के अनुरूप बनाना होगा. इससे बीएंडएम (परंपरागत किराना) स्टोर की बिक्री वित्त वर्ष 2020 में डेढ़ से दो फीसदी बढ़ सकती है.

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सरकार ने पिछले साल दिसंबर में नये नियमों की घोषणा की है. इसमें फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसे ऑनलाइन बाजार मंचों को उन कंपनियों के उत्पाद बेचने से रोका गया है, जिनमें उनकी हिस्सेदारी है. इसी तरह उन्हें किसी उत्पाद की केवल और केवल अपने प्लेटफॉर्म पर बिक्री के समझौते से भी रोका गया है.

क्रिसिल रेटिंग के सीनियर डायरेक्टर अनुज सेठी ने कहा कि सख्त नीति के कारण ई-रिटेल इंडस्ट्री की बिक्री का लगभग 35-40 फीसदी हिस्सा प्रभावित हो सकता है, जो 35,000-40,000 करोड़ रुपये के बराबर होगा.

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