भारत के एमएसएमई में निवेश के लिए चीन के बैंक ने बनाया 20 करोड़ डॉलर का कोष

बीजिंग : चीन के सबसे बड़े बैंक इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक आॅफ चाइना (आईसीबीसी) की भारतीय इकाई ने 20 करोड़ डॉलर का कोष बनाया है. बैंक इस कोष के जरिये भारत के सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) में निवेश करेगा. आईसीबीसी इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी चेंग बिन ने सोमवार को यहां भारतीय दूतावास […]

बीजिंग : चीन के सबसे बड़े बैंक इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक आॅफ चाइना (आईसीबीसी) की भारतीय इकाई ने 20 करोड़ डॉलर का कोष बनाया है. बैंक इस कोष के जरिये भारत के सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) में निवेश करेगा.

आईसीबीसी इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी चेंग बिन ने सोमवार को यहां भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित दूसरी ‘स्टार्ट अप इंडिया’ निवेश संगोष्ठी में भारतीय स्टार्ट अप पारिस्थितिकी का संक्षिप्त विवरण पेश किया और यह बताया कि इसमें कैसे निवेश किया जा सकता है. भारतीय दूतावास ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा, बिन ने यह भी सूचित किया कि आईसीबीसी इंडिया ने 20 करोड़ डॉलर का एक कोष बनाया है, जो भारत के उभरते एमएसएमई उपक्रमों में निवेश करेगा. आईसीबीसी चीन का शीर्ष सरकारी बैंक हैं. बाजार मूल्यांकन के लिहाज से यह चीन का सबसे बड़ा बैंक है. इसने 2011 में मुंबई में अपनी शाखा खोली थी.

भारतीय दूतावास द्वारा स्टार्ट अप इंडिया एसोसिएशन (एसआईए) तथा वेंचर गुरुकुल के साथ भागीदारी में आयोजित संगोष्ठी में 350 से अधिक चीन के उद्यम पूंजी कोषों, एंजल निवेशकों ने हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम में 20 भारतीय स्टार्ट अप्स के 42 भारतीय उद्यमियों ने भी हिस्सा लिया.

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