मोटर इंश्योरेंस में हुआ बदलाव, पीयूसी नहीं, तो रिन्यू नहीं होगा इंश्योरेंस, जानें

इंश्योरेंस रेगुलटेर इरडा (IRDAI) ने गाड़ियों के इंश्योरेंस के संबंध में नये नियम जारी किये हैं. इरडा ने उत्सर्जन मानकों के उल्लंघन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उसने कहा है कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (वेलिड पॉल्यूएशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी पीयूसी) के वाहनों का इंश्योरेंस नहीं किया जायेगा. यानी अब ऐसे पुरानी […]

इंश्योरेंस रेगुलटेर इरडा (IRDAI) ने गाड़ियों के इंश्योरेंस के संबंध में नये नियम जारी किये हैं. इरडा ने उत्सर्जन मानकों के उल्लंघन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उसने कहा है कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (वेलिड पॉल्यूएशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी पीयूसी) के वाहनों का इंश्योरेंस नहीं किया जायेगा. यानी अब ऐसे पुरानी गाड़ियों का इंश्योरेंस रिन्यू नहीं होगा जिनका वेलिड पीयूसी नहीं है. हर छह महीने में पीयूसी की मान्यता खत्म हो जाती है.
नयी गाड़ियों के लिए लॉन्ग टर्म इंश्योरेंस अनिवार्य
एक सितंबर से कोई भी नयी गाड़ी खरीदने के समय बाइक/स्कूटर के लिए पांच साल का इंश्योरेंस और कार के लिए तीन साल का इंश्योरेंस लेना अनिवार्य हो गया है. इससे गाड़ियां खरीदते समय जहां अधिक पैसे देने पड़ेगें वहीं अगले तीन से पांच साल तक इंश्योरेंस को रिन्यू कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
साथ ही हर साल बदलने वाले थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में भी सहूलियत होगी. इरडा का यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के मुताबिक है, जिसमें अदालत ने लॉन्ग टर्म थर्ड पार्टी कवर की वकालत की थी. दरअसल, देश में 18 करोड़ रजिस्टर्ड गाड़ियां हैं, जिनमें से मात्र छह करोड़ के लिए ही बीमा लिया गया है. इसी समस्या को दूर करने के लिए अदालत ने लॉन्ग टर्म पॉलिसी पर जोर दिया था.
इरडा ने नयी गाड़ियों के इंश्योरेंस के तीन विकल्प दिये हैं. लेकिन बीमा कंपनियों पर निर्भर करता है कि वे किस तरह का ऑफर अपने ग्राहकों को दे रहे हैं.
– स्टैंडअलोन 3/5 साल पर सिर्फ थर्ड पार्टी (टीपी)
– पैकेज 3/5 साल (इसमें 3/5 साल के लिए टीपी और एक्सिडेंट कवर)
– बंडल्ड 3/5 साल (इसमें 3/5 साल के लिए टीपी और एक साल का एक्सिडेंट कवर)
विशेषज्ञों के अनुसार
स्टैंड अलोन पॉलिसी लेने से प्रीमियम तो कम होता है लेकिन गाड़ी डैमेज होने का कवर नहीं मिलता. ऐसे में गाड़ी के चोरी होने या दुर्घटनाग्रस्त होने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. एक साल का एक्सीडेंट पार्ट के बंडल्ड विकल्प को लेना बेहतर रहता है क्योंकि यह आपकी नयी कार के डैमेज को भी कवर करता है.

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