नयी दिल्लीः शहरों से होकर गुजरने वाले हार्इवे के किनारे शराब की बिक्री पर लगी रोक को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की उस अधिसूचना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत कुछ राजमार्गों को डिनोटिफार्इ किया गया था, ताकि सड़कों से 500 मीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानों में उनकी बिक्री जारी रह सके. शीर्ष अदालत की ओर से अधिसूचना दरकिनार करने से इनकार किये जाने के बाद दूसरे राज्य भी शराब की दुकानों को संचालन की इजाजत देने के लिए उन राजमार्गों को डिनोटिफार्इ कर सकते हैं, जो शहरों के बीच से होकर गुजरते हैं.
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मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ एवं न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने एक एनजीओ की ओर से दायर अपील खारिज करते हुए कहा कि वह विस्तृत आदेश पारित करेगी. एनजीओ ने पंजाब एवं हरियाणा हार्इकोर्ट के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी, जिसमें चंडीगढ़ प्रशासन की अधिसूचना को सही ठहराया गया था. पीठ ने कहा कि विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है. हम स्पष्ट करेंगे कि उच्च न्यायालय का आदेश शीर्ष न्यायालय के पहले आदेश का उल्लंघन करता है कि नहीं.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बीती 4 जुलार्इ को ही शराब कारोबारियों को राहत प्रदान करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि अगर कोर्इ राजमार्ग शहर के बीच से होकर गुजर रहा है, तो उसे डिनोटिफार्इ करके 500 मीटर के इलाके में शराब की दुकानें खोली जा सकती हैं. कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर कोर्इ राजमार्ग शहर के अंदर से होकर गुजरता है आैर उसे डिनोटिफार्इ किया जाता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है.
इस संबंध में कोर्ट ने कहा था कि शहर के अंदर के राजमार्ग और बिना शहर के राजमार्ग में बहुत अंतर है. राजमार्ग का मतलब जहां तेज रफ्तार में गाडि़यां चलती हों. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजमार्ग के 500 मीटर दायरे में शराब की बिक्री पर रोक के पीछे सोच यह है कि लोग शराब पीकर तेज रफ्तार में गाड़ी न चलायें, लेकिन शहर में इस तरह की रफ्तार देखने को नहीं मिलती.
