पोस्टपार्टम जर्नी पर छलका कियारा आडवाणी का दर्द, बताया किसने हर कदम पर दिया साथ

कियारा आडवाणी ने अपने पोस्टपार्टम जर्नी को लेकर बात की. अपनी पहचान ढूढ़ने के बारे में बात करते हुए वह इमोशनल भी हो गई. उन्होंने कहा कि मुझ 6 महीने लगे.

बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने साल 2025 में बेबी साराया को जन्म दिया. हाल ही में एक पॉडकास्ट में उनके आंसू झलक पड़े, जब उनसे पोस्टपार्टम जर्नी के बारे में पूछा गया. उन्होंने बताया कि कैसे वह किसी बात पर भी रो पड़ती थी और उन्होंने अपने ग्रेस को कितना ज्यादा मिस किया.

पोस्टपार्टम जर्नी पर क्या बोली कियारा आडवाणी

राज शमानी के साथ एक पॉडकास्ट में, कियारा ने कहा कि सिद्धार्थ मल्होत्रा ने उनका काफी साथ दिया. उन्होंने कहा, “बेबी होने के बाद एक समय ऐसा था, जब मेरी भावनाएं बहुत उथल-पुथल थीं. सिड उस वक्त अपनी फिल्म का प्रमोशन कर रहे थे. इसलिए वह देर रात आते, बच्चे और मेरे साथ रहते और फिर सुबह काम पर लौट जाते. उस समय, मुझे नहीं पता कि मैं उन्हें उस समय याद कर रही थी या क्या, लेकिन हर छोटी बात मुझे परेशान कर रही थी. कोई भी बात मुझे रुला देती थी.”

अपनी पहचान पर बात करते हुए इमोशनल हो गई कियारा आडवाणी

मां बनने के बाद एक महिला की पहचान में आए बदलाव के बारे में बात करते हुए कियारा इमोशनल हो गईं और उन्होंने कहा कि उस वक्त समझ नहीं आता कि क्या हो रहा है. सब बेबी के बारे में होता है, उसने दूध पीया, डायपर चेंज हुआ और सबकुछ, जबकि मां की भावनात्मक जरूरतों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. मुझे खुद का ग्रेस ढूढ़ने में 6 महीने लगे.

सिद्धार्थ ने कियारा का दिया साथ

उन्होंने आगे कहा, “मुझे याद है मेरी बेटी के डॉक्टर ने सिड से कहा था, बस हर रात उसे गाड़ी में घुमाने ले जाओ… उसे बाहर रहना चाहिए, उसे ताजी हवा लेने दो, उसे सांस लेने दो, क्योंकि सोना और बच्चे को दूध पिलाना एक नियमित दिनचर्या बन जाती है. सिद्धार्थ यह सुनकर मुझे हर रात गाड़ी में घुमाने ले जाते थे. कभी-कभी मैं बस बिना कोई सलाह लिए अपनी भड़ास निकालना चाहती थी.”

कियारा आडवाणी की अपकमिंग फिल्म के बारे में

कियारा अगली बार ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में नजर आएंगी. गीतू मोहनदास की ओर से निर्देशित इस फिल्म में यश भी दोहरी भूमिका में हैं, साथ ही नयनतारा, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत, तारा सुतारिया और अक्षय ओबेरॉय भी हैं.

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By Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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