UP News: बलिया में पूर्व छात्र नेता चंद्रकेशत सिंह कुंवर ने खुद पर जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि चित्तू पांडेय चौराहे पर नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों की मौजूदगी से उनकी जान बच गई. कुंवर ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है.
फोन कर बुलाया, फिर हथियारबंद लोगों ने किया हमला- कुंवर का आरोप
चंद्रकेशत सिंह कुंवर के अनुसार, घटना रात करीब सवा 9 बजे की है. उन्होंने बताया कि वह चित्तू पांडे चौराहे स्थित कोहिनूर स्टोर के पास मौजूद थे. तभी उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया. फोन करने वाले ने उनसे पूछा कि वह कहां हैं. कुंवर ने अपनी लोकेशन बताई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ देर बाद एक व्यक्ति वहां पहुंचा, जिसने उनसे हाथ मिलाया. इसके बाद जैसे ही वह कुछ कदम आगे बढ़े, तभी 5-6 नकाबपोश लोग लाठी-डंडे और पिस्तौल लेकर उनकी तरफ बढ़े और हमला करने की कोशिश की. कुंवर ने बताया कि उन्होंने पास की दुकान में कूदकर अपनी जान बचाई. उनके मुताबिक, चौराहे पर मौजूद लोगों ने हमलावरों को दौड़ा लिया, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गए.
'चौराहे पर मौजूद लोग और CCTV बताएंगे सच्चाई
पूर्व छात्र नेता ने कहा कि घटना के समय चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. उन्होंने दावा किया कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सकती है. उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना के बाद पुलिस को सूचना देने की कोशिश की और थाने पहुंचकर शिकायत भी दी.
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
कुंवर का आरोप है कि अगले दिन सुबह जब वह कोतवाली पहुंचे तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उनसे सोशल मीडिया पर मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ लिखने को लेकर सवाल किए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा कि वह मंत्री के खिलाफ फेसबुक पर क्यों लिखते हैं. कुंवर का दावा है कि उन्हें मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी गई.
जनहित के मुद्दे उठाना अपराध नहीं
कुंवर ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर सिर्फ जनहित से जुड़े मुद्दे उठाते हैं. उन्होंने कहा कि अगर सड़क, नाली या अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर आवाज उठाना गलत है तो यह जनता के हित के खिलाफ होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच करने के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है.
SP, DIG और मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
चंद्रकेशत सिंह कुंवर ने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी है. उन्होंने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
पुलिस जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. आरोपों की जांच, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
यह भी पढ़ें: इंस्पेक्टर पर ऐसा तंज कि DM भी नहीं रोक पाए हंसी, लखीमपुर में 13 साल के बच्चे की फरियाद ने जीता दिल
