वोटिंग से 72 घंटे पहले भारत-नेपाल बॉर्डर सील, गिराया गया बैरियर

Bihar Chunav 2025: विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है. चुनाव से 72 घंटे पहले यह निर्णय लिया गया है. मतदान खत्म होने तक बॉर्डर इलाकों में कड़ी निगरानी रहेगी. जरुरी सेवाओं और मेडिकल इमरजेंसी के लिए आने-जाने की अनुमति दी गई है.

Bihar Chunav 2025: लोकतंत्र के महापर्व विधानसभा चुनाव को लेकर भारत-नेपाल इंटरनेशनल बॉर्डर को सील कर दिया गया है. भारत-नेपाल स्तरीय जिला समन्वय समिति (India-Nepal Level District Coordination Committee) की बैठक में लिये गये निर्णय के कारण बॉर्डर को शनिवार को सील कर दिया गया है. भारत और नेपाल के बीच चुनाव को देखते हुए चुनाव से 72 घंटे पहले बॉर्डर को सील करने का निर्णय लिया गया था. इसी वजह से बॉर्डर को शनिवार से सील कर दिया गया है,

कब से सामान्य होगी आवाजाही

अब मतदान की समाप्ति 11 नवंबर की शाम छह बजे के बाद बॉर्डर पर आवाजाही सामान्य होगी. आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ मेडिकल इमरजेंसी, उचित यात्रा कागजात होने की स्थिति में आने-जाने की अनुमति दी गयी है.

नेपाल में रहने वाले भारतीय नागरिक जो मतदान करने के लिए आना चाहते है, उनको भी कार्ड दिखाकर आने की अनुमति होगी. बॉर्डर से किसी प्रकार के वाहनों को नहीं आने-जाने दिया जायेगा. पैदल कार्ड दिखाकर और भारत में आने का उचित कारण बताने पर लोगों को आने की अनुमति दी जा रही है.

बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

जवानों को दिया गया दिशा-निर्देश

चुनाव को लेकर यहां सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रक्सौल मनीष आनंद ने शनिवार को मैत्री पुल पर पहुंचकर एसएसबी के जवानों को विशेष दिशा-निर्देश दिया. उनके साथ, हरैया थाना के थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान भी मौजूद थे.

शनिवार को बॉर्डर सील होने के बाद पैदल लोगों को आधार कार्ड दिखाकर आने दिया जा रहा था. सशस्त्र सीमा बल और नेपाल के तरफ सशस्त्र पुलिस बल के द्वारा निगरानी की जा रही है. ग्रामीण नाका से आवागमन पूरी तरह से बंद है.

इसे भी पढ़ें: समस्तीपुर में कूड़े में VVPAT पर्चियां मिलने के बाद बवाल, समर्थकों के साथ पहुंचे उम्मीदवार, DM ने बैठाई जांच

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >