Chhapra News: (चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट) छपरा सदर अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम कार्य को लेकर चिकित्सकों द्वारा जताई जा रही आपत्तियों के बीच नया गाइडलाइन जारी किया है. इस संबंध में उपाधीक्षक डॉ. केएम दुबे ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम कार्य शासकीय दायित्व का हिस्सा है और इससे चिकित्सक स्वयं को अलग नहीं रख सकते.
अस्पताल स्तर पर कमिटी का गठन
प्रशासन ने माना कि कुछ चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम कार्य के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं होने की बात कही थी. इसे ध्यान में रखते हुए अस्पताल स्तर पर “पोस्टमार्टम ओरिएंटेशन एंड सपोर्ट कमिटी” का गठन किया गया है. इस कमिटी के माध्यम से चिकित्सकों को आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे कार्य में एकरूपता और दक्षता सुनिश्चित हो सके.
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार, उपाधीक्षक को कमिटी का समन्वयक बनाया गया है. वहीं वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार को प्रशिक्षण प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. राजेश्वर प्रसाद और दिनेश प्रजापति को दस्तावेजीकरण में सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
प्रशिक्षण के बाद ड्यूटी अनिवार्य
निर्देश में साफ कहा गया है कि यह ओरिएंटेशन केवल कार्य को बेहतर बनाने के लिए है, न कि किसी को दायित्व से छूट देने के लिए. प्रशिक्षण के बाद संबंधित चिकित्सकों को पोस्टमार्टम ड्यूटी, इमरजेंसी ड्यूटी और अन्य मेडिको-लीगल कार्यों का निर्वहन अनिवार्य रूप से करना होगा.
आदेश की अवहेलना पर होगी कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ड्यूटी से बचने, आदेश की अवहेलना करने या कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली और अन्य संबंधित नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सभी चिकित्सकों को ड्यूटी रोस्टर का पालन करने और ओरिएंटेशन सत्र में अनिवार्य रूप से भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं.
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