Beldaur Vidhan Sabha: बेलदौर में NDA एकजुट, विपक्ष को जीत के लिए चाहिए करिश्मा

Beldaur Vidhan Sabha: खगड़िया के बेलदौर प्रखंड के कंजरी पंचायत में हुए उपचुनाव में प्रियंका कुमारी ने 746 मतों से जीत दर्ज कर पंचायत समिति सदस्य (पंसस) पद पर कब्जा जमाया. जीत की घोषणा के साथ ही समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा.

Beldaur Vidhan Sabha: बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के अंचल कार्यालय परिसर स्थित आईटी भवन में शुक्रवार मतगणना के बाद कंजरी पंचायत से पंचायत समिति सदस्य (पंसस) पद पर प्रियंका कुमारी ने 746 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. उन्होंने ललिता कुमारी को हराकर पद पर कब्जा जमाया.

प्रत्याशियों की जानकारी

चुनावी मैदान में कुल तीन प्रत्याशी थे, जिनमें प्रियंका कुमारी को कुल 1779 मत प्राप्त हुए, जबकि ललिता देवी को 1033 और तीसरे स्थान पर रहीं अभिलाषा देवी को मात्र 295 मत मिले. जीत की घोषणा होते ही समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.

समर्थकों ने मनाया जश्न

प्रियंका कुमारी और उनके पंसस प्रतिनिधि राजीव कुमार ने सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया और क्षेत्र के विकास का वादा दोहराया. उन्होंने कहा कि यह जीत, जनता के विश्वास का प्रतीक है. समर्थकों ने फूल-माला और गुलाल से विजेता का स्वागत किया, वहीं कई लोगों ने नए पंसस के साथ सेल्फी लेकर जीत की खुशी साझा की. मतगणना स्थल पर बीडीओ सतीश कुमार, सीओ अमित कुमार, बीपीआरओ प्रमोद पासवान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की गई.

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बेलदौर विधानसभा की जानकारी

बेलदौर विधानसभा क्षेत्र (150) खगड़िया जिले की एक प्रमुख सीट है. यहां कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 3.15 लाख है. क्षेत्र में यादव, कुशवाहा, मुस्लिम, दलित और अतिपिछड़ा समुदाय की आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है. वर्तमान में यह सीट जदयू (JDU) के पास है, जहां 2020 में जदयू के उम्मीदवार ने कांग्रेस को हराकर जीत दर्ज की थी.

बेलदौर का ग्रामीण व पिछड़ा वर्ग इसे बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान देता है. पंचायत स्तरीय चुनाव परिणाम आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति और सामाजिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.