Bachhwara Vidhan Sabha: बछवाड़ा में सीपीआई का बढ़ता जनाधार बीजेपी के लिए खतरे की घंटी, कांटे की टक्कर तय

Bachhwara Vidhan Sabha: बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र बेगूसराय जिले की एक ऐसी सीट है, जहां मतदाता लगातार बदलाव करते रहे हैं. किसी भी पार्टी को दोबारा मौका न देना यहां की राजनीतिक परंपरा बन गई है. 2025 का चुनाव इस लिहाज से बेहद दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी अपनी पिछली जीत दोहरा पाएगी.

Bachhwara Vidhan Sabha: बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र अपने राजनीतिक उतार-चढ़ाव के लिए जाना जाता है. यह इलाका किसी एक पार्टी के प्रति वफादार नहीं रहा है. पिछले छह विधानसभा चुनावों की बात करें तो यहां किसी भी दल को लगातार दूसरी बार जीत नहीं मिली है. इससे यह स्पष्ट होता है कि यहां के मतदाता अब तक स्थायी राजनीतिक नेतृत्व की तलाश में हैं, जो उनके मुद्दों पर गंभीरता से काम करे.

बछवाड़ा सीट का इतिहास

बछवाड़ा सीट का गठन आज़ादी के बाद 1952 में हुआ था और तब से अब तक 17 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. इनमें कांग्रेस ने सबसे अधिक सात बार, वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने पांच बार जीत दर्ज की है. इसके अतिरिक्त प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, राजद, भाजपा और एक निर्दलीय उम्मीदवार को भी एक-एक बार सफलता मिली है.

भाजपा को मिली शानदार जीत

2020 में भाजपा ने एक नई रणनीति अपनाते हुए अपने वरिष्ठ नेता और तत्कालीन बेगूसराय विधायक सुरेंद्र मेहता को बछवाड़ा से चुनाव लड़ाया. यह दांव सफल रहा और भाजपा ने पहली बार इस सीट पर  484 वोटों के अंतर से कब्जा जमाया. यह जीत खास इसलिए मानी गई क्योंकि सीपीआई उम्मीदवार अवधेश राय तीन बार इस सीट से विधायक रह चुके थे और यादव समुदाय से आते हैं, जिसकी आबादी यहां 25% से अधिक है. दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले के 12 में से 11 चुनावों में यादव उम्मीदवार ही विजयी रहे थे.

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भौगोलिक दृष्टि और समीकरण

भौगोलिक दृष्टि से बछवाड़ा मिथिला क्षेत्र में आता है और गंगा नदी के नजदीक होने से इसकी खेती-किसानी आधारित अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है. यहां धान, गेहूं और मक्का जैसी फसलें प्रमुख रूप से उगाई जाती हैं. यह क्षेत्र बेगूसराय और समस्तीपुर की सीमा पर स्थित है.

2020 में यहां कुल 2,97,646 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 61% ने मतदान किया. अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी 17.31% और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 9% थी. शहरी मतदाताओं की भागीदारी मात्र 1.2% होने से यह क्षेत्र पूरी तरह से ग्रामीण प्रभाव वाला है. 2024 तक मतदाता संख्या बढ़कर 313772 हो गई है.

बछवाड़ा की राजनीतिक स्थिति, जातीय समीकरण और हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए 2025 का विधानसभा चुनाव यहां बेहद रोचक और संघर्षपूर्ण होने की उम्मीद है. भाजपा के लिए यह सीट दोबारा जीतना एक बड़ी चुनौती होगी, जहां न केवल जनाधार बनाए रखना है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर भी खरा उतरना होगा.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.