Budget 2026 के बाद क्या सस्ती होंगी कार और बाइक? जानिए क्या कुछ हो सकते हैं बदलाव

अगर आप भी नई कार या बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो Budget 2026 सरकार GST, कस्टम ड्यूटी, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और EV इंसेंटिव जैसे कई अहम बदलाव कर सकती है. इसका सीधा असर गाड़ियों की कीमतों पर देखने को मिल सकता है.

आज 1 फरवरी को Finance Minister निर्मला सीतारमण Union Budget पेश करने वाली हैं. ऐसे में कार और बाइक खरीदने का प्लान बना रहे लोगों की नजरें बजट पर टिकी हुई हैं. कई लोगों को उम्मीद है कि बजट के बाद गाड़ियों की कीमत कम हो सकती है. लेकिन असली फैसला इस बात पर डिपेंड करेगा कि सरकार टैक्स, ड्यूटी और मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट को लेकर क्या ऐलान करती है.

आपको अगर याद हो तो कुछ महीने पहले सरकार ने GST 2.0 के तहत गाड़ियों पर GST में बड़ी कटौती की थी. इसका मकसद गाड़ियों की कीमत कम करना और डिमांड बढ़ाना था. हालांकि हर मॉडल की कीमत में एक जैसा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन इस अपडेट के बाद कुछ खरीदारों को शोरूम में जरूर राहत मिली थी.

क्या Union Budget 2026 के बाद गाड़ियों की कीमत और कम होगी? 

एक्सपर्ट्स की मानें तो इसकी उम्मीद फिलहाल कम ही है. खासकर SUVs भारत में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली गाड़ियां हैं और इनके सस्ते होने की संभावना काफी कम बताई जा रही है. गाड़ियों की कीमत कम होने के लिए सरकार को GST या कस्टम ड्यूटी में कटौती करनी पड़ेगी, लेकिन GST में बदलाव GST काउंसिल की सहमति से ही होता है.

इसके अलावा कई कार और प्रीमियम बाइक में इम्पोर्टेड पार्ट्स इस्तेमाल होते हैं, जिन पर पहले से ही ज्यादा कस्टम ड्यूटी लगती है. जब तक इन टैक्स और ड्यूटी में बदलाव नहीं होगा, तब तक कंपनियों के लिए तुरंत कीमत घटाना आसान नहीं माना जा रहा है.

आगे चलकर मिल सकती है राहत

मान लीजिए बजट में तुरंत कीमत कम होने जैसी कोई बड़ी घोषणा नहीं होती, फिर भी आगे चलकर राहत मिलने के संकेत मिल सकते हैं.

लोकल मैन्युफैक्चरिंग को मिल सकता है बढ़ावा

सरकार लगातार भारत में गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स के लोकल प्रोडक्शन को बढ़ाने पर जोर दे रही है. अगर ज्यादा पार्ट्स देश में ही बनेंगे और इम्पोर्ट कम होगा, तो गाड़ियों की बनाने की लागत घट सकती है. ऐसे में अगर कंपनियां इस बचत का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो धीरे-धीरे गाड़ियों की कीमत कम होने की उम्मीद बन सकती है.

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) सपोर्ट मिलने की उम्मीद 

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) को बढ़ावा देने पर भी इस बार के बजट में खास जोर देखने को मिल सकता है. माना जा रहा है कि बैटरी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और EV बनाने वाली कंपनियों को कुछ नए इंसेंटिव दिए जा सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कार और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदना लोगों के लिए पहले से ज्यादा आसान और सस्ता हो सकता है.

यह भी पढ़ें: ऑटो सेक्टर की टिकी नजर Budget 2026 पर: कार, EV और टू-व्हीलर इंडस्ट्री के लिए क्या उम्मीदें

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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