Mumbai Pod Taxi: ड्राइवर-लेस टैक्‍सी बनेगी मुंबई का नया पब्लिक ट्रांसपोर्ट, जाम से मिलेगा छुटकारा

मुंबई बीकेसी में ₹1,017 करोड़ का पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है. 6 सीटर पॉड्स 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगे और 8.8 किमी नेटवर्क पर 38 स्टेशन यात्रियों को जोड़ेंगे.

Mumbai Pod Taxi: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भारत के पहले ‘पॉड टैक्सी’ प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया है. इस तरह, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट का काम शुरू कराया है. यह भारत का पहला ऑटोमेटेड पॉड टैक्सी सिस्टम होगा, जो रोजाना 4-6 लाख यात्रियों को तेज और सुरक्षित अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी ऑफर करेगा.

Mumbai Pod Taxi: प्रोजेक्ट का दायरा और नेटवर्क

इस परियोजना की लंबाई 8.8 किलोमीटर होगी और इसमें 38 स्टेशन बनाये जाएंगे. हर पॉड का आकार लगभग 3.5 मीटर लंबा, 1.47 मीटर चौड़ा और 1.8 मीटर ऊंचा होगा. इसमें अधिकतम 6 यात्री बैठ सकेंगे और यह 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. पॉड्स हर 15-30 सेकंड के अंतराल पर उपलब्ध होंगे.

Mumbai Pod Taxi: लागत और किराया

परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,017 करोड़ है और इसे PPP मॉडल के तहत लागू किया जाएगा. किराया ₹21 प्रति किमी प्रस्तावित है, जिस पर हर साल 4% की वृद्धि होगी. यह किराया ऑटो और टैक्सी की तुलना में तेज और अधिक कुशल विकल्प देने के लिए तय किया गया है.

Mumbai Pod Taxi: यात्रियों को लाभ

पॉड टैक्सी से बीकेसी में यातायात जाम कम होगा और यात्रा का समय घटेगा. यह सिस्टम बांद्रा और कुर्ला रेलवे स्टेशनों को सीधे जोड़ते हुए ई-कॉमर्स, FMCG, ऑफिस कम्यूट और अन्य लॉजिस्टिक्स जरूरतों को पूरा करेगा. एआई-आधारित यह सेवा बैटरी से संचालित होगी और केवल उन्हीं स्टेशनों पर रुकेगी जिन्हें यात्री चुनेंगे, जिससे सफर और भी तेज होगा.

Mumbai Pod Taxi: भविष्य की झलक

MMRDA का मानना है कि बुलेट ट्रेन और नये वाणिज्यिक भवनों के आने से बीकेसी में फुटफॉल और बढ़ेगा. ऐसे में पॉड टैक्सी परियोजना शहरी परिवहन को नया आयाम दे सकती है और अन्य शहरों के लिए भी मिसाल बन सकती है.

यह भी पढ़ें: Alto से Tiago तक, ₹5 लाख में कौन सी कार है बेस्ट?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >